आनी के धोगी दिवाली मेले में पहुंचे श्री शमशरी महादेव और टोना नाग देवता। संवाद
त्रिशूल रूप में निकले महाप्रभु, जगह-जगह महिलाओं ने किया भव्य स्वागत
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। आनी क्षेत्र का प्राचीन, पौराणिक और ऐतिहासिक बूढ़ी दिवाली मेला बुधवार को शमशरी महादेव और टोना नाग देवता के आगमन के साथ शुरू हो गया। करुणानिधान महाप्रभु के धोगी आगमन को लेकर सुबह से ही पूरे क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का वातावरण रहा। दोपहर 1:00 बजे त्रिशूल रूप में देवालय से प्रस्थान करते हुए महाप्रभु चवाई पहुंचे, जहां उनके रथ को सोने–चांदी के आभूषणों और पारंपरिक आभूषणों से सजाया गया। इसके बाद देवता अपने शाही देवमार्ग से धोगी गांव की ओर रवाना हुए। रास्ते में महिलाओं और ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों और पुष्पवर्षा के साथ महाप्रभु का स्वागत किया। फूलों की वर्षा से रथ क्षणभर में ढक गया और प्रभु का स्वरूप कोटि सूर्य के समान तेजस्वी प्रतीत हुआ। सैकड़ों साल से मनाया जाने वाला यह बूढ़ी दिवाली मेला च्वाई पंचायत के अंतर्गत घने जंगलों से घिरे धोगी गांव में आयोजित होता है। धोगी स्थित शमशरी महादेव की प्राचीन देव-कोठी इस पर्व का प्रधान केंद्र रहती है। महाप्रभु का मूल धाम धार्मिक गांव शमशर, धोगी से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित है, जहां वर्षभर देवकार्य होते हैं।पहले दिन शाम को देवता थड़ी पर ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचे, जिसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हुए।