कुंजुम पास का भ्रमण कर लौटे परशुराम मंदिर समिति के सदस्य। संवाद
लाहौल-स्पीति के दर्जनों मंदिरों, रीति-रिवाजों और संस्कृति से हुए रू-ब-रू
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)। देवता साहिब परशुराम मंदिर समिति डंसा के पदाधिकारी और सदस्य पांच दिवसीय धार्मिक भ्रमण से लौट आए हैं। मंदिर समिति के अध्यक्ष खेल चंद नेगी की अगुवाई में पदाधिकारियों और सदस्यों ने लाहौल-स्पीति, काजा के की गोंपा सहित दर्जनों बौद्ध मठों का भ्रमण किया। मंदिरों के धार्मिक रीति-रिवाजों और संस्कृति के इतिहास को बारीकियों से जाना। भ्रमण के दौरान उन्होंने त्रिलोकी नाथ सहित कुल्लू जिले के मनाली की हिडिंबा मंदिर, मणिकर्ण प्रसिद्ध राम मंदिर और गुरुद्वारा में माथा टेका और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके अलावा 15 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित कुंजुम दर्रा, लाहौल के चंद्रताल झील और विश्व के सबसे ऊंचे हिक्किम डाकखाने का दौरा किया और उनके इतिहास से रू-ब-रू हुए। धार्मिक भ्रमण में परशुराम मंदिर समिति के अध्यक्ष खेल चंद नेगी, उपाध्यक्ष गौरी दत्त नेगी, महासचिव जीएल डमालू, सचिव ज्ञान हुड्न, कारदार फूला सिंह, खजांची भगत राम शर्मा, गुरजीत हुड्न, बीरबल नेगी, सुरंजन ठाकुर, केदार ठाकुर, किशोरी लाल मेहता, अमित मेहता, जानकीदास, रामदास, रामानंद भारद्वाज, कृष्ण नेगी, राकेश शर्मा, महेश नेगी, धर्म जीत, टिक्कम नेगी, लाल चंद, दिनेश शर्मा और प्यारे लाल शर्मा शामिल रहे।