अंतिम किस्त जारी करने के बाद फोटो सेशन करना निंदनीय, कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना
कहा पूर्व भाजपा सरकार में हुई थी विस्थापितों को राहत राशि दिलाने की पहल
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। भाजपा नेता सूरत नेगी ने कंडार गांव के विस्थापित परिवारों को राहत राशि की अंतिम किस्त जारी करने के बाद आयोजित कार्यक्रम को राजनीतिक दिखावा करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने प्रभावित परिवारों को चार साल तक उनके हक की राशि के लिए इंतजार करवाया और अब अंतिम किस्त जारी कर फोटो सेशन किया जा रहा है। सूरत नेगी ने कहा कि कंडार गांव के विस्थापित परिवारों को राहत राशि दिलाने की पहल पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुई थी। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2020 में 10.12 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे और प्रभावित परिवारों को दो किस्तें जारी हुई थीं। उपयोगिता प्रमाणपत्र उपलब्ध न होने के कारण तीसरी किस्त लंबित रह गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि दिसंबर 2022 में कांग्रेस सरकार बनने के बाद भी प्रभावित परिवारों को शेष राशि के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। उनके कहा कि ग्रामीणों के लगातार आग्रह और न्यायालय जाने की बात उठने के बाद अंतिम किस्त जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। उन्होंने कहा कि 3 लाख 56 हजार रुपये की अंतिम किस्त जारी करना सरकार का कोई एहसान नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों का अधिकार है। भाजपा नेता ने कहा कि जिन परिवारों के मकानों के लेंटल वर्ष 2022 में पड़ चुके थे, वे आर्थिक सहायता के अभाव में अपने घर पूरे नहीं कर सके। ऐसे में राहत राशि जारी करने का राजनीतिक श्रेय लेना उचित नहीं है। सूरत नेगी ने राजस्व मंत्री से कंडार के ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करने और एसजेवीएनएल के पास मौजूद जमीन से संबंधित मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर किन्नौर में विकास कार्यों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। वहीं उन्होंने प्रभावित परिवारों को राहत राशि मिलने पर बधाई देते हुए कहा कि लोगों को अपने अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा।