ग्राम रोजगार सेवकों का लंबित वेतन जारी करने की उठाई मांग
. तकनीकी दिक्कतें दूर करने की भी सरकार से की अपील
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल(रोहड़ू)। ग्राम रोजगार सेवक संघ हिमाचल प्रदेश के पूर्व जिला शिमला अध्यक्ष मोहिंद्र नामटा ने ग्राम रोजगार सेवकों की समस्याओं के समाधान की मांग सरकार और संबंधित विभाग से की है। उन्होंने कहा कि एक जुलाई 2026 से लागू विकसित भारत जी-राम-जी योजना को प्रदेश में लागू हुए करीब ढाई महीने हो चुके हैं। इस दौरान मानसून और तकनीकी दिक्कतों के बावजूद ग्राम रोजगार सेवकों ने योजना के कार्यान्वयन में योगदान दिया है। नामटा ने कहा कि युक्तधारा, एनएमएमएस एप में बदलाव, ईकेवाईसी और जियो टैगिंग सहित अन्य तकनीकी समस्याओं के कारण कर्मचारियों को कार्य करने में परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि कार्यदिवस बढ़ाना केवल ग्राम रोजगार सेवकों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पंचायत और विकासखंड स्तर के विभिन्न अधिकारी-कर्मचारी भी इसमें शामिल होते हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम रोजगार सेवकों का फरवरी से जून 2026 तक का वेतन लंबित है। उन्होंने सरकार से लंबित वेतन का जल्द भुगतान करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को समय पर भुगतान, सामग्री की अदायगी और 60:40 अनुपात में एस्टीमेट तैयार होने जैसे विषयों का भी कार्यदिवस पर प्रभाव पड़ता है। नामटा ने कहा कि लगातार काम के दबाव और विभिन्न समस्याओं के कारण कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है। उन्होंने सरकार से तकनीकी समस्याओं का समाधान करने, लंबित वेतन जारी करने और ग्राम रोजगार सेवकों की लंबे समय से लंबित मांगों पर विचार कर स्थायी नीति बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं किया गया तो संघ आगामी दिनों में अपने स्तर पर आगे की रणनीति तय करेगा।