रिकांगपिओ (किन्नौर)। प्रदेश भारी कर्ज के बोझ से जूझ रहा है, जबकि जनता रोजगार, शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। ऐसे में नेताओं को मिलने वाली कई पेंशनों की व्यवस्था पर सवाल उठना जरूरी है। यह बात आम आदमी पार्टी के जिला किन्नौर अध्यक्ष मनीष कुमार नेगी ने कही। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर भाजपा और कांग्रेस सरकार से सवाल किए। उन्होंने कहा कि जब आम कर्मचारी को आजीविका के लिए वर्षों तक मेहनत करनी पड़ती है, तो पूर्व विधायकों को कई पेंशन देने की व्यवस्था क्यों जारी रहनी चाहिए? उन्होंने एक विधायक, एक पेंशन के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने एक विधायक, एक पेंशन की व्यवस्था लागू कर राजनीतिक इच्छाशक्ति का उदाहरण पेश किया है। नेगी ने कहा कि आप को हिमाचल में अवसर मिलने पर इस सिद्धांत को लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। प्रदेश के संसाधनों का उपयोग नेताओं की सुविधाओं के बजाय जनता की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास को प्राथमिकता देने के लिए होना चाहिए।