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Rampur Bushahar News: एक मंच पर थिरकी दुनियाभर की संस्कृति, एकता का दिया संदेश

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डीएवी दत्तनगर में सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान मौजूद विद्यार्थी। स्रोत: स्कूल प्रबंधन।
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डीएवी दत्तनगर में सांस्कृतिक कॉन्सर्ट का शुभारंभ, संस्कृति संजोने का दिया संदेश
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रामपुर परियोजना प्रमुख विकास मारवाह ने दीप प्रज्वलित कर किया कार्यक्रम का शुभारंभ
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावियों को किया सम्मानित
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। डीएवी एसजेवीएन पब्लिक स्कूल दत्तनगर में वीरवार को सांस्कृतिक कॉन्सर्ट का आयोजन हुआ। यह कार्यक्रम दो सत्रों में संपन्न हुआ। प्रातः कालीन सत्र की थीम वसुधैव कुटुंबकम और द्वितीय सत्र की थीम नवदुर्गा विशेष रही। कार्यक्रम के पहले सत्र में एक मंच पर दुनियाभर की संस्कृति थिरकती दिखाई दी। इससे वैश्विक एकता का संदेश दिया।इसके बाद भारतीय संस्कृति की झलक होली और दिवाली पर आधारित रंगीन प्रस्तुतियों के माध्यम से दिखाई गई, जिसका समापन वसुधैव कुटुंबकम के संदेश के साथ हुआ। इसके बाद ब्रह्म नृत्य और दैवीय संदर्भों पर आधारित ये कौन चित्रकार की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक विविधता को दर्शाते हुए अफ्रीकी, तुर्की, स्पेनिश, अमेरिकी, पेंगुइन-थीम, जापानी, चीनी, नेपाली और पुर्तगाली नृत्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रातः कालीन सत्र का शुभारंभ एसजेवीएन रामपुर परियोजना के प्रमुख विकास मारवाह ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। इस अवसर पर बीते वर्ष उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। तीसरी से पांचवीं तक के विद्यार्थियों ने गणेश वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। अभिभावकों और मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, अनुशासन और रचनात्मकता की सराहना की। शिक्षकों के समर्पित प्रयासों को भी सराहा। वहीं, कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में रामपुर परियोजना के जीएम राजीव सिंधु, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। एआरओ डॉ. मुक्ता चौहान सहित विद्यालय के शिक्षकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। द्वितीय सत्र की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण महिषासुर वध का सशक्त अभिनय रहा। इसके बाद दुर्गा स्तुति, चंड-मुंड वध, रक्तबीज वध और ऊर्जावान नवदुर्गा नृत्य प्रस्तुत किया गया। थीम का समापन बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक बुराइयों का अंत और भावपूर्ण आरती के साथ हुआ। सभी ने विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति, अनुशासन और समर्पण की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में एआरओ डॉ. मुक्ता चौहान ने मुख्य अतिथि, अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को कार्यक्रम की सफलता में उनके सहयोग के लिए आभार जताया।
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