रामपुर बुशहर। रामपुर बाजार में बुधवार सुबह भड़की आग ने स्थानीय प्रशासन, अग्निशमन और सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की पोल खोल कर रख दी है। आग की सूचना मिलते ही दमकल कर्मचारी आग बुझाने के लिए मौके पर पहुंच गए थे। लेकिन उनके पास सामान भी पूरा नहीं था। आग बुझाने के लिए भेजे गए वाहन में पाइपें छोटी पड़ गई और दोबारा दमकल विभाग के कर्मचारी बड़ी पाइप लेने के लिए गए। इसके बाद आग को बुझाने का प्रयास किया गया तो क्षेत्र में स्थापित फायर हाइड्रेंट ने भी जवाब दे दिया।
दमकल कर्मचारी पानी के प्रेशर का रोना रोते दिखाई दिए। इसके बाद जब पानी का प्रेशर बना तो करीब डेढ़ घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। अगर समय रहते आग पर काबू न पाया गया होता तो आसपास की दुकानें भी अग्निकांड की चपेट में आ जाती। मौके पर तुरंत बड़ा फायर टेंडर पहुंच जाता तो लाखों की संपत्ति के नुकसान से बचा जा सकता था। लापरवाही पर अग्निशमन विभाग और आईपीएच विभाग के अधिकारी एक दूसरे पर आरोप और प्रत्यारोप लगा रहे। बाजार अतिक्रमण के कारण बड़ा फायर टेंडर मौके पर नहीं पहुंच सका। अतिक्रमण से 108 ऐंबुलेंस की आवाजाही भी बाजार में आसानी नहीं हो सकती है। आग की इस घटना के बाद अग्निशमन विभाग को भी आग पर काबू पाने के लिए छोटा दमकल वाहन मौके पर भेजना पड़ा।
हाइड्रेंट में पानी का प्रेशर नहीं : रोशन
रामपुर अग्निशमन केंद्र के प्रभारी रोशन शर्मा ने कहा कि हाइड्रेंट में पानी का प्रेशर नहीं था और इलाके का की मैन फोन नहीं उठा रहा था। हाइड्रेंट में पानी उपलब्ध करवाने में करीब 10 मिनट लगे। आईपीएच विभाग से बार-बार कहा जाता है कि हाइड्रेंट में 24 घंटे पानी उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जाए।
झूठ बोल रहे विभाग के अधिकारी : विरेंद्र
आईपीएच विभाग रामपुर के एक्सईएन विरेंद्र ठाकुर ने कहा कि अग्निशमन विभाग के अधिकारी झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने अपने स्तर पर इस मामले की छानबीन की है और हाइड्रेंट में पानी उपलब्ध था। रामपुर के सभी हाईड्रेंटों में 24 घंटे पानी उपलब्ध रहता है। पाटबंगला में खराब हाइड्रेंट तुरंत ठीक करवा दिया जाएगा।
अतिक्रमण हटाने के दिए निर्देश : एसडीएम
एसडीएम रामपुर निपुण जिंदल ने कहा कि अगर अग्निशमन विभाग कहता है कि हाइड्रेंट में पानी उपलब्ध नहीं था तो इस मामले की जांच की जाएगी। फिलहाल उनके पास ऐसा कोई मामला नहीं आया। रामपुर बाजार में अतिक्रमण को हटाने को लेकर नगर परिषद रामपुर को बार-बार निर्देश दिए जा रहे हैं। दुकानदारों के चालान काटने के लिए भी कहा गया है। अगर नगर परिषद कोई कार्रवाई नहीं करता तो प्रशासन इसके खिलाफ मुहिम छेड़ेगा।