हादसे के बाद दनावली गांव में पसरा मातम
एक ही गांव के चार युवकों की हुई है हादसे में मौत
भादो मेला देख वापस गांव लौट रहे थे सभी युवक
दनावली में एक साथ जलीं तीन युवकों की चिताएं
अमर उजाला ब्यूरो
ननखड़ी (रामपुर बुशहर)। ननखड़ी में चल रहे भादो मेले को देखकर दनावली गांव लौट रहे युवकों की मौत से पूरा गांव शोकाकुल है। रात करीब साढ़े 11 बजे जब ये युवा चेवड़ी सड़क पर दौणा गांव के साथ पहुंचे तो कार हादसे का शिकार हो गई और तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं एक अन्य ने आईजीएमसी शिमला में दम तोड़ दिया। शुक्रवार को दनावली गांव में एक साथ तीन युवकों की चिताएं जलीं।
हादसे के बाद दनावली गांव में मातम का माहौल पसर गया। शुक्रवार को जब तीनों युवाओं के शव दनावली गांव पहुंचे तो समूचा गांव चीखों पुकारों से गूंज उठा। घर से मेले देखने गए युवाओं के परिजन उनके घर लौटने का इंतजार कर रहे थे और जब ये युवा गांव पहुंचे तो हर ग्रामीण शोक में डूब गया। हादसे में दनावली गांव के आशीष, सुरेंद्र और दलीप कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे का शिकार हुए सुरेंद्र (30), पुत्र स्व. सीता राम की दो छोटी-छोटी बच्चियां हैं। पांच वर्षीय बेटी कार्तिक और तीन वर्षीय बेटी पारस के सिर से पिता का साया छिन गया है। सुरेंद्र की पत्नी कला के कंधों पर उन दोनों की जिम्मेवारी आ गई है। वहीं कुछ वर्ष पूर्व सुरेंद्र के पिता का निधन हो गया था। शुक्रवार को तीन युवाओं की चिताएं एक साथ जलीं। हादसे के एक अन्य मृतक का शव आईजीएमसी शिमला से दनावली गांव लाया जा रहा है। एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान ने बताया कि हादसे में मारे गए युवकों के परिजनों को 10-10 हजार रुपये और घायलों को 5-5 हजार की फौरी राहत राशि जारी की गई है।