रामपुर बुशहर।
मंगलवार रात जंगल में फैली आग से वन संपदा के साथ-साथ विद्युत परियोजना को भी लाखों का नुकसान पहुंचा है। मंगलवार को सेरी पुल के जंगल में लगी आग पहाड़ी की ओर भी फैल गई। इससे गंगाधारी परियोजना को काफी नुकसान हुआ। इससे पहले कि परियोजना कर्मी आग बुझाने के लिए कोई कदम उठाते, अधिकतर जगह आग फैल गई थी। गनीमत रही कि आग से पावर हाउस को नुकसान नहीं पहुंचाया। आग ने जंगल को पूरी तरह आगोश में ले लिया।
आग की चपेट में आने के बाद देवदार का बड़ा पेड़ परियोजना की विद्युत लाइन पर आ गिरा। इसके चलते परियोजना के दो टावर क्षतिग्रस्त हो गए है। टावर का ऊपरी का हिस्सा टूट गया। इससे टावर एक तरफ झुक गया। इसको देखते हुए परियोजना प्रबंधन को तुरंत विद्युत उत्पादन बंद करना पड़ा। प्रबंधन ने कहा कि इस घटना से परियोजना के दो टावर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इससे 30 लाख का नुकसान हुआ है। प्रबंधन ने कहा कि टावर की मरम्मत में करीब 10 दिन लगेंगे।
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ऐसे में अगले 10 दिनों तक विद्युत उत्पादन ठप रहेगा। इससे परियोजना को 32 लाख का नुकसान होने का अनुमान है। इस टावर से ग्रीनको पावर प्रोजेक्ट की बिजली भी ग्रिड को जाती है। इसके चलते ग्रीको पावर प्रोजेक्ट में भी उत्पादन नहीं हो पाएगा। ग्रीनको को भी अगले 10 दिनों में नुकसान उठाना पड़ेगा। परियोजना प्रबंधन ने कहा कि इस संबंध में रिपोर्ट बना दी गई है कि जंगल की आग ने टावरों को नुकसान पहुंचाया।
गंगाधारी परियोजना जोगनी के प्रभारी पुष्पदेव शर्मा ने बताया कि जंगल की आग ने दो टावरों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। इससे विद्युत उत्पादन ठप हो गया है। इससे परियोजना को करीब 62 लाख का नुकसान हुआ है।