रामपुर बुशहर। रामपुर स्थित जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर की विशेष अदालत ने शनिवार को नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के आरोप साबित होने पर दोषी को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है, जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को एक वर्ष का साधारण कारावास भुगतना होगा।
पुलिस थाना रामपुर में 3 नवंबर 2016 को दर्ज मामले के मुताबिक 13 वर्षीय नाबालिग पीड़िता ने आरोप लगाया था कि 2 नवंबर 2016 को जब वह अपने छोटे भाई के साथ पानी लाने जा रही थी तो अभिषेक, पुत्र प्रेमलाल, गांव नेहरा, डाकघर बाहली, तहसील रामपुर ने घर के साथ लगती गौशाला के भीतर घसीटकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान उसका बड़ा भाई गौशाला के बाहर खड़ा था। इसके बाद रामपुर पुलिस थाना में अभिषेक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 342, 376, 506 और पोकसो एक्ट के सेक्शन 4 के तहत मामला दर्ज किया गया।
दोनों पक्षों के बयान और गवाहों को सुनने के बाद शनिवार को अदालत ने दोषी अभिषेक को भादंसं की धारा 376 और पोक्सो एक्ट के सेक्शन 4 के तहत सात साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को एक साल का साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं अदालत ने भादंसं की धारा 342 के तहत एक साल के कठोर कारावास और एक हजार रुपये की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को 3 माह का साधारण कारावास भुगतना होगा। सरकार की ओर से मामले की पैरवी जिला न्यायवादी सुरेश हेटा ने की।