नेरवा (रोहड़ू)। नेरवा-झिकनीपुल मार्ग पर न्योटी में परिवहन निगम की दो बसों में टक्कर होने से उनमें सवार नौ लोग घायल हो गए। जिनमें से तीन घायलों को नेरवा अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया है। वहीं छह अन्य को छुट्टी दे दी गई है। प्रशासन की ओर से घायलों को फौरी राहत दे दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोटी सरांह से नेरवा की तरफ से आ रही बस संख्या एचपी 03 बी 6118 का शनिवार को न्योटी के समीप उतराई में प्रेशर पाइप फट गया। जिसके कारण बस की ब्रेक फेल हो गईं। उसी समय नेरवा से रेवल पुल की तरफ जाने वाली बस नंबर एचपी 03 बी 6058 सामने आ आई। कोटी सरांह बस के चालक ने समझदारी दिखाते हुए, अपने बस को सामने से आ रही दूसरी बस के एक और टकरा कर रोक लिया। इस टक्कर में इन बसों में सवार नौ लोग घायल हुए हैं। जिनमें से तीन घायलों को नेरवा अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया है। वहीं छह अन्य को छुट्टी दे दी गई है। रेफर किए गए तीन घायलों को प्रशासन की तरफ से तहसीलदार नेरवा ऋषभ शर्मा की ओर से तीन-तीन हजार रुपये की फौरी राहत दी गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि कोटी सरांह बस का चालाक समझदारी दिखाते हुए बस को दूसरी बस से न टकराता तो बढ़ा हादसा हो सकता था।
... और नहीं पहुंची 108 एंबुलेंस
वहीं इस हादसे के बाद 108 एंबुलेंस सेवा की भी पोल एक बार फिर से खुल गई है। बसों में टक्कर होने के बाद जब 108 को बुलाया गया तो यह आई ही नहीं। घायलों को निजी वाहनों में अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों के फोन करने पर करीब एक हफ्ते से झिकनीपुल में खड़ी 108 एंबुलेंस जब नेरवा पहुंची तो इसका एक टायर फटा हुआ था। एंबुलेंस की इस हालत को देखते हुए एचआरटीसी डिपो नेरवा के कार्यकारी क्षेत्रीय प्रबंधक रतन शर्मा ने टैक्सी में मरीजों को शिमला अस्पताल भेजा। 108 की इस तरह की गैर जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली के प्रति स्थानीय लोगों में भारी रोष व्याप्त है।