रामपुर बुशहर। आनी उपमंडल के तहत प्राथमिक पाठशाला मुंगरी के शिक्षक कर्मचंद की निर्मम हत्या करने वाले आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। वहीं उसे 25 हजार जुर्माना भी अदा करना होगा। यह फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने सुनाया है। यह फैसला एफआईआर 84/16 जो कि 5 सितंबर 2016 को आनी थाना में धारा 302 और 201 के तहत दर्ज हुई थी, जहां 302 के तहत दोषी को आजीवन कारावास की सजा भुगतनी होगी, वहीं धारा 201 के तहत दोषी को 2 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही 5 हजार का जुर्माना भी अदा करना होगा।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक कर्म चंद आनी के मुंगरी स्कूल में अपनी सेवाएं दे रहा था। 29 अगस्त 2016 को कर्म चंद ने स्कूल से आते हुए अपनी पत्नी चंद्रप्रभा से मोबाइल फोन से बात की। 30 सितंबर को चंद्रप्रभा को अपने पति के नंबर से फोन आया लेकिन दूसरी तरफ से उसका पति कर्मचंद नहीं था। उसके बाद कर्मचंद का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। कर्मचंद के परिवार वालों ने अपने स्तर पर पहले उसे ढूंढा लेकिन कर्मचंद का कहीं पता नहीं चला। गुमशुदगी के सातवें दिन दो महिलाएं घास काटने जंगल गईं थीं तो इस दौरान उन्होंने जंगल में घास काटते हुए तेज गंध महसूस की। उन्होंने वहां प्लास्टिक के बैग को खोला तो उसमें कर्मचंद का क्षत विक्षत शव बंद था। जिसकी सूचना उन्होंने पुलिस को दी। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की।
छानबीन में यह सामने आया कि 29 सितंबर को टीपरी गांव के सीस राम ने कर्मचंद को अपने घर बुलाया। सीसराम का पहले से ही इरादा उसको मौत के घाट उतारने का था। पहले दोनों ने शराब पी और बाद में सीसराम ने बड़ी ही बेरहमी से कर्मचंद का कत्ल कर दिया। उसने दराट से सिर को धड़ से अलग कर दिया और उसे दूर जंगल में फेंक दिया जिससे लोग ये समझे कि कर्मचंद को जंगली जानवरों ने नोच दिया है। इस मामले में कोर्ट में 32 गवाह पेश किए गए। जिसके आधार पर मंगलवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुजा सूद की अदालत ने आरोपी को कड़ी सजा सुनाई। एक मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की।