जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर एट रामपुर की अदालत ने अगवा कर दुष्कर्म करने वाले दो दोषियों को सात साल के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषियों को एक-एक वर्ष का साधारण कारावास भुगतना होगा।
वीरवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर एट रामपुर की अदालत ने दुष्कर्म और अगवा करने वाले दो दोषियों को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने 7 जून 2011 को पुलिस थाना भावानगर में दर्ज मामले को लेकर अपना फैसला सुनाया है। पीड़िता और उसे माता-पिता ने काफनू पुलिस पोस्ट में शिकायत दर्ज करवाई थी कि 7 जून 2011 को दोषी शांता कुमार गांव और डाकघर कटगांव, तहसील निचार, जिला किन्नौर ने पीड़िता को अगवा कर खेत में ले गया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। इसके बारे में किसी को बताने पर उसने पीड़िता को जान से मारने की धमकी भी दी। दूसरे दोषी रंजीत सिंह गांव और डाकघर कटगांव, तहसील निचार, जिला किन्नौर ने भी पीड़िता के साथ बगीचे में दुष्कर्म किया। इसके बाद मामला पुलिस थाना भावानगर में पहुंचा और दोषियों के खिलाफ भादंसं की धारा 376, 506 और 34 के तहत मामला दर्ज किया। इस दोषी ने पीड़िता को शादी करने का झांसा भी दिया था।
अदालत ने दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत 7 साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये का जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषियों को एक साल का साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं भादंसं की धारा 506 के तहत दोषियों को सात साल का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषियों को एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। सरकार की ओर से इस मामले की पैरवी जिला न्यायवादी सुरेश हेटा ने की।