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गूगल से जानकारी जुटाकर ठगी करता था शातिर गिरोह

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सुभाष सेन

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रामपुर बुशहर। सभी समस्याओं का हल माने जाने वाले गूगल से जानकारी जुटा कर दिल्ली के ग्रेटर नोएडा का शातिर गिरोह ठगी को अंजाम देता था। कॉल सेंटर, ब्रोकेज, बीमा और हॉलीडे पैकेज जैसी कंपनियों में काम कर चुके ये युवा बीते 2013 से लोगों को बीमा के नाम पर अधिक पैसा देने का झांसा देकर अपना शिकार बनाते थे।

रामपुर के धारगौरा क्षेत्र के एक शिक्षक के साथ 72 लाख रुपये की ठगी करने वाले शातिर गिरोह की धरपकड़ के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। एमकॉम, एमबीए और बीए पास कर चुके ये युवा काफी शातिर हैं, जो लोगों को झूठे प्रलोभन देकर उनसे अच्छी खासी रकम ऐंठने का काम करते थे। गूगल के जरिए लोगों की महत्वपूर्ण जानकारी जुटा कर शातिर गिरोह उन्हें अपना शिकार बनाता था।
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गिरोह की 25 वर्षीय दीपिका ठाकुर और दुष्यंत शर्मा लोगों को फोन कॉल कर झांसा देकर फांसने का काम करते थे। एमकॉम कर चुकी दीपिका आवाजें बदलकर लोगों को चंगुल में फंसाती थी। वहीं सबसे पहले पकड़ा गया आरोपी प्रवीन इन दोनों को अकाउंट्स मुहैया करवाने का काम करता था।

ये शातिर हर तीन से चार माह में अपना फोन नंबर बदलते थे और लोगों से ठगी करने के लिए फर्जी नाम से फोन नंबर और बैंक खाते खोलते थे। बीते 2013 से यह गिरोह धारगौरा के शिक्षक को लूटने का काम कर रहे थे। चार बैंक खातों के जरिए गिरोह ने शिक्षक के साथ 72 लाख रुपये की ठगी की।

डीएसपी रामपुर अभिमन्यु वर्मा ने बताया कि एक ही फोटो के आधार पर गिरोह ने कई खाते खोल रखे थे, जो तीन से चार माह बाद बंद कर दिए जाते थे। पुलिस पांचों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है।
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उन्होंने लोगों से ऑनलाइन ठगी से बचने और अपने आधार, पैन और अन्य गोपनीय जानकारियों को सार्वजनिक न करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने किसी व्यक्ति से संबंधित आवश्यक दस्तावेज मिलने पर संबंधित एजेंसी या फिर पुलिस में देने का भी आह्वान किया है।

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