रोहड़ू (शिमला)। स्थानीय बाजार में गोवंश के अवशेष मिलने के बाद हुई तोड़फोड़ के दूसरे दिन हालात सामान्य रहे। शुक्रवार को दिनभर बाजार खुला रहा। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुबह से ही पुलिस जगह-जगह पर तैनात रही, लेकिन तोड़-फोड़ की गई दुकानों के अलावा सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान खुले रहे। उपद्रव की कोई घटना नहीं।
वीरवार को बाजार में उपद्रव मचाने वालों के खिलाफ पुलिस ने मामले दर्ज किए हैं। भीड़ का हिस्सा रहे कुछ शरारती तत्वों की पुलिस वीडियो देखकर पहचान कर रही है। उधर, बाहर से आए कुछ प्रवासी वीरवार रात को ही पलायन कर गए हैं।
लेकिन यहां रहे रहे स्थायी अल्पसंख्यक समुदाय के लोग बेखौफ कामकाज कर रहे हैं। तोड़-फोड़ की घटना से 20 से 25 लाख रुपये के नुकसान का अभी तक आकलन किया गया है। कई दुकानों के मालिक अभी तक पुलिस के पास नहीं पहुंचे हैं। उधर, क्षेत्र के दूसरे कस्बों में इस प्रकार की घटना न हो, इसके लिए पुलिस व खुफिया विभाग लगातार सक्रिय हैं।
एसडीएम बीआर शर्मा ने बताया कि सभी लोग सुरक्षित हैं। वीरवार दोपहर बाद से ही हालात सामान्य हैं। उन्होंने कहा शुक्रवार को पूरा दिन बाजार खुले रहे। प्रशासन की ओर से सभी प्रभावी कदम घटना पता चलने पर लगातार उठाए जा रहे हैं। यहां से कोई किसी का कोई पलायन नहीं हो रहा है। सभी लोग सैकड़ों सालों से यहां पर रह रहे हैं।
कहां से आया गोवंश का अवशेष, नहीं मिले पुख्ता सबूत
अमर उजाला ब्यूरो।
रोहड़ू। गोवंश का अवशेष जांच एजेंसियों के लिए परेशानी का सबब बनने वाला है। उपमंडल में ऐसी घटना पहली बार सामने आई है। अवशेष कहां से आया अभी इसके कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं। तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। रोहडू में जिस घर की छत से गोवंश का अवशेष मिला उस भवन में कोई नहीं रहता है। बड़ी बात यह सामने आ रही कि जिस छत पर अवशेष मिला वहां चौथी मंजिल तक कुत्ते का पहुंचना भी संभव नहीं।
मौके पर तैनात विशेषज्ञ इस बार का दावा कर चुके कि अवषेश कटा हुआ है। कितना पुराना होगा इसकी फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट में ही खुलासा होगा। दूसरा को पुलिस की एफआईआर में नामजद लोगों की गिरफ्तारी एक चुनौती है। यदि बिना सबूत तुरंत इन लोगों को गिरफ्तार किया गया तो दोबारा विरोध प्रदर्शन की संभावनाएं हैं।
फिलहाल पुलिस व प्रशासन इस मामले में भी फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। हालांकि, पुलिस ने दो अलग-अलग मामले दर्ज करके करीब बीस लोगों को नामजद किया है। पुलिस अभी एफआईआर में दर्ज लोगों के नाम का खुलासा करने को तैयार नहीं है। डीएसपी रोहड़ू अनिल शर्मा का कहना है कि मामला संवेदनशील होने के कारण नामजद लोगों के नाम सार्वजनिक नहीं किए जा सकते। मामले की गंभीरता से जांच चल रही है। कुछ अन्य सुराग जुटाए जा रहे हैं।