चट्टानों की चपेट में आने
से जेसीबी चालक की मौत
छितकुल के साथ लाल ढांक में वीरवार रात पेश आया हादसा
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले के सीमा से सटे गांव छितकुल के दुमती में बार्डर सड़क निर्माण में जुटे एक जेसीबी चालक की चट्टानों की चपेट में आने से मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए सांगला अस्पताल पहुंचाया है। पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन में जुट गई है।
पुलिस थाना सांगला से मिली जानकारी के मुताबिक वीरवार देर रात को छितकुल के साथ लगती लाल ढांक के पास कार्य समाप्त कर जेसीबी चालक वापस छितकुल की ओर आ रहा था। अचानक पहाड़ी से चट्टानें दरकीं और जेसीबी चालक गुलशाद (22) गांव बसूवा, डाकघर बांदल, तहसील सलूणी, जिला चंबा चट्टानों की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं जेसीबी भी चट्टानों की चपेट में आने से सड़क से डेढ़ सौ फुट नीचे गहरी खाई में जा गिरी। हादसे की सूचना मिलते ही नगस्ती में तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के जवानों ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को निकाला। आईटीबीपी चौकी के एसआई मस्तरंग रोशन ने पुलिस थाना सांगला को इस हादसे की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस थाना सांगला से एएसआई ईश्वर सिंह, सुरक्षा इकाई प्रभारी देवा नेगी ने शुक्रवार को घटनास्थल पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सांगला पहुंचाया। शव को पोस्टमार्टम करने के बाद शवगृह में रखा गया है।
इस संबंध में डीएसपी किन्नौर धनसुख दत्ता ने कहा कि प्राथमिक जांच में यही अनुमान लगाया जा रहा है कि चट्टानों की चपेट में आने से चालक ही मौत हुई है। शेष पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा। मृतक के शव को परिजनों के आने तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सांगला के शवगृह में रखा गया है।