ब्रौ (रामपुर बुशहर)।
ब्रौ पुल के पास रविवार सुबह दो छात्राओं द्वारा एकसाथ आत्महत्या मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कोहतीसेर गांव से निकली दो नाबालिग के परिजनों को क्या मालूम था कि उनकी बेटियां मेेले के बाद अब कभी घर नहीं लौटेंगी। इस घटना के बाद गांव पूरी तरह से शोक में डूब गया है और परिजनों को रो-रो कर बुरा हाल है। सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्राओं को ऐसी कौन सी परेशानी या मजबूरी थी कि उन्हें नदी में कूदकर जान देनी पड़ी। हर किसी के जेहन में यही सवाल उठ रहा है। इतनी कम उम्र में इतना बड़ा कदम उठाने से हर कोई हैरान है। इस सवाल ने क्षेत्र के लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
रविवार सुबह करीब 10 बजे रुचि, पुत्री प्रकाश और संदीपिका, पुत्री रोशन लाल कोहतीसेर गांव से मेले के लिए रामपुर निकली थी। रुचि से छोटा एक भाई व एक बहन है। संदीपिका की भी दो बहने हैं। रामपुर बाजार आने के बजाय ये लड़कियां ब्रौ की ओर निकल गई। जगातखाना से करीब एक किलोमीटर दूर ब्रौ पुल के पास सुबह करीब 11:45 बजे दोनों नाबालिग सतलुज नदी के किनारे पहुंची और नदी में कूद गई। दोनों एक ही स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ती थी। घटना की सूचना मिलते ही दोनों परिवारों के पैरों तले जमीन खिसक गई और दोनों घरों में चीख पुकार शुरू हो गई। सवाल उठ रहा है कि उन पर कोई पारिवारिक दबाव था या फिर कोई स्कूली मतभेद। इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। पुलिस ने दोनों छात्राओं के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस परिजनों से गहन पूछताछ करने में जुटी हुई है। उधर, डीएसपी आनी रोहित मृगपुरी ने बताया कि पुलिस इस घटना की गहनता से छानबीन कर रही है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। परिजनों और संबंधियों के बयान लिए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
एक ही छात्रा का हो सका पोस्टमार्टम
एक छात्रा का शव ब्रौ में सतलुज नदी के किनारे से निकाला। ब्रौ पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए निरमंड अस्पताल पहुंचाया। दूसरी छात्रा का शव नदी के पार रामपुर की ओर निकाला गया, जिसे रामपुर पुलिस ने खनेरी अस्पताल पहुंचाया। लेकिन यहां डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम करने के लिए सोमवार की तारीख दे दी। ऐसे में उसका पोस्टमार्टम अभी तक नहीं हो पाया है।