अमर उजाला ब्यूरो
आनी (कुल्लू)।
एनडीआरएफ की टीमों को पांच दिन के सर्च ऑपरेशन के बाद सतलुज नदी में गिरी कार और उसमें सवार दंपती का कोई सुराग नहीं लग पाया। सर्च ऑपरेशन के बाद एनडीआरएफ की टीम शुक्रवार को खाली हाथ लौट गई। लूहरी के साथ लगते छांवटी में सोमवार को दंपति समेत कार सतलुज नदी में गिर गई थी। प्रशासन ने एनडीआरएफ की टीम को सर्च ऑपरेशन बंद करवाकर वापस भेज दिया है।
एसडीएम आनी चेत सिंह ने बताया कि बीते सोमवार सुबह सतलुज में एक कार के गिरने की सूचना मिली थी। छानबीन में पता चला था कि कार आनी के बिश्लाधार की ओर से कुमारसैन जा रही थी। इसमें कुमारसैन तहसील के थाच गांव निवासी पति-पत्नी सवार थे, जो अपने घर जा रहे थे। शुरूआत में पुलिस और अग्निशमन विभाग के जवानों और स्थानीय लोगों ने सतलुज नदी में कार को तलाशने की कोशिश की। लेकिन छानबीन में कुछ हाथ नहीं लगा। इसके बाद स्थानीय प्रशासन ने एनडीआरएफ की दो टीमों को तलाशी अभियान के लिए बुलाया। एनडीआरएफ की टीम ने छांवटी के घटनास्थल से लेकर सुन्नी तक सतलुज में रोज सुबह सात बजे से तलाशी अभियान शुरू किया। लेकिन सतलुज के तेज बहाव, अत्यधिक ठंडे पानी और नदी में लगातार बह रही सिल्ट के चलते तलाशी अभियान में दिक्कत आ रही थी। प्रशासन ने शुक्रवार को सर्च ऑपरेशन रोक दिया।
दंपति को ढूंढने के लिए पांच दिन तक सर्च ऑपरेशन लगातार चला। हर उस जगह तलाश की गई, जहां कुछ हाथ लगने की संभावना थी। सफलता न मिलने पर सर्च ऑपरेशन को रोक दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट डीसी कुल्लू को सौंप दी है। एनडीआरएफ की दोनों टीमों को वापस भेज दिया गया है।
-चेत सिंह,
एसडीएम आनी