रामपुर बुशहर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने चरस रखने के मामले में दो दोषियों को 10 साल के कठोर कारावास और दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषियों पर 2 किलो 58 ग्राम चरस रखने का आरोप था।अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए आरोपी राज कुमार (31) पुत्र धूप सिंह निवासी गांव मुहान, डाकघर कोठी, तहसील आनी, जिला कुल्लू और दिवान चंद (38) पुत्र पदम सिंह निवासी गांव खडोरण डाकघर कोठी तहसील आनी जिला कुल्लू को चरस रखने और बेचने के जुर्म में 10 वर्ष का सशक्त कारावास और दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि 12 अक्तूबर 2020 को पुलिस टीम ने बारुबाग में नाका लगाया था। सुबह करीब 9:50 बजे एक जीप रामपुर की तरफ से आई, जिसे तलाशी के लिए रोका गया। इसमें एक व्यक्ति बैठा था जिसने अपना नाम राज कुमार बताया। वह पुलिस को देखकर घबरा गया। मौके पर दो व्यक्तियों के सामने गाड़ी की जांच की तो सीट के नीचे एक बैग में चरस बरामद हुई, जो 2 किलो 58 ग्राम थी। पूछताछ के दौरान राज कुमार ने बताया कि चरस को बेचने के लिए ले जाने में दिवान चंद भी अपनी गाड़ी में उसका सहयोग कर रहा था। आरोपियों की कॉल डिटेल खंगालने पर दोनों आपसी संपर्क में पाए गए। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया गया। ट्रायल के दौरान 15 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने दोनों दोषियों को चरस रखने और बेचने का दोषी पाया। सरकार की तरफ से मुकदमे की पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल, केएस जरयाल और अतिरिक्त लोक अभियोजक सूरज मोहिनी ने की।