शिकायतकर्ता को 4.65 लाख का मुआवजा भी देना होगा
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामपुर बुशहर की अदालत ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामपुर बुशहर की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में एक ठेकेदार को छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही शिकायतकर्ता को 4.65 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। मामले में शिकायतकर्ता एक पंजीकृत सरकारी ठेकेदार है और दोषी ठाकुर दास उप ठेकेदार है। दोषी ने शिकायतकर्ता से संपर्क किया और पांच महीने के लिए मासिक किराये पर मिक्सर मशीन के साथ अन्य मशीनों को देने का अनुरोध किया। शिकायतकर्ता ने मिक्सर मशीन को 20,000 रुपये के मासिक किराये पर दिया, लेकिन दोषी ने कोई राशि नहीं दी। शिकायतकर्ता ने राशि का भुगतान करने का अनुरोध किया, जिस पर दोषी ने 3,10,000 रुपये का चेक जारी किया, जो बाउंस हो गया। शिकायतकर्ता ने फिर राशि की मांग की, लेकिन उसने टाल दिया। बार-बार अनुरोध करने के बावजूद उपरोक्त राशि का भुगतान करने में दोषी विफल रहा। इसके बाद, शिकायतकर्ता ने एनआई अधिनियम की धारा 138 के तहत वैधानिक मांग नोटिस भेजा। दोषी को नोटिस मिला, लेकिन उसने कोई भुगतान नहीं किया। परिणामस्वरूप, यह शिकायत दर्ज की गई है। अदालत ने फैसला दिया है कि दोषी यह साबित करने में विफल रहा है कि उसकी शिकायतकर्ता के प्रति कोई कानूनी देनदारी नहीं है। दोषी को एनआई एक्ट की धारा-138 के तहत किए गए अपराध के लिए छह महीने की साधारण कारावास की सजा दी जाती है। दोषी को शिकायतकर्ता को 4,65,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश भी दिया जाता है।