झाकड़ी में मांगों को लेकर संविदा मजदूरों ने किया प्रदर्शन। स्रोत : सीटू
झाकड़ी में मांगों को लेकर संविदा कर्मियों का प्रदर्शन जारी
जल्द नहीं हुई मांगों की सुनवाई तो होगा उग्र आंदोलन : गुरदास
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। नाथपा झाकड़ी परियोजना में कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने परियोजना प्रबंधन से 2025 में हुए समझौते को तुरंत लागू करने की मांग की है। वीरवार को सीटू के बैनर तले मजदूरों ने परियोजना प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोला और जोरदार नारेबाजी की। मजदूरों ने चेताया कि यदि जल्द मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। मांगें पूरी न होने तक यह प्रदर्शन जारी रहेगा। नवरत्न एसजेवीएनएल 1500 मेगावाट जलविद्युत परियोजना में कार्यरत संविदा मजदूरों का धरना प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी कड़ी में वीरवार को सैकड़ों मजदूरों ने एसजेवीएनएल परियोजना के मुख्य द्वार पर शांतिपूर्ण धरना देकर अपनी लंबित मांगों को जोरदार ढंग से उठाया। विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए यूनियन के उपाध्यक्ष गुरदास ने कहा कि वर्ष 2025 में हुए समझौते को आज तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया है, जिससे मजदूरों में भारी असंतोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद प्रबंधन मजदूरों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है। महासचिव कामराज, खुशीराम, अध्यक्ष राजकुमार ने आरोप लगाया कि परियोजना प्रबंधन की ओर से राइजिंग डे के नाम पर कुछ चुनिंदा लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया, जबकि मेहनतकश मजदूरों की जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एचआर विभाग के उच्च अधिकारियों की ओर से मजदूरों के प्रति दोहरी नीति अपनाई जा रही है, जिससे कार्यस्थल पर असमानता और असंतोष का माहौल बन रहा है। यूनियन नेताओं ने यह भी कहा कि मार्च माह में परियोजना प्रबंधन को सौंपे गए मांगपत्र पर आज तक कोई सार्थक वार्ता नहीं की गई है। मजदूर लगातार संवाद और समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रबंधन की ओर से सकारात्मक पहल नहीं दिखाई दे रही है। प्रदर्शन में मौजूद मजदूरों ने चेतावनी दी कि यदि लंबित मांगों पर शीघ्र बातचीत शुरू नहीं की गई और 2025 के समझौते को तत्काल प्रभाव से लागू नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके लिए संपूर्ण जिम्मेदारी परियोजना प्रबंधन की होगी। मजदूरों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।