रिकांगपिओ (किन्नौर)। पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रति कथित दुर्व्यवहार की भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा ने निंदा की है। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील नेगी ने इसे भारतीय लोकतंत्र और जनजातीय समाज की अस्मिता पर गहरा आघात बताया है। सुनील नेगी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के साथ जो व्यवहार हुआ, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय और अक्षम्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता के अहंकार में इस कदर डूबी हुई है कि उसे देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की गरिमा का भी भान नहीं रहा। नेगी ने इस घटना को केवल एक राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि व्यापक सामाजिक अपमान से जोड़ने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह कृत्य भारतीय लोकतंत्र की मर्यादा, मातृ शक्ति के सम्मान और देश के गौरवशाली जनजातीय समाज की अस्मिता पर सीधा प्रहार है। राष्ट्रपति का पद हमारे गणतंत्र की सर्वोच्च गरिमा का प्रतीक है और उनके प्रति असंवेदनशीलता किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। भाजपा नेता ने टीएमसी की आलोचना करते हुए इसे उनकी संकीर्ण मानसिकता का परिचायक बताया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में मांग की है कि मुख्यमंत्री और उनकी पार्टी इस अमर्यादित आचरण के लिए राष्ट्रपति से अविलंब सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। सुनील नेगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि देश का जनजातीय समाज और जागरूक नागरिक अपने सर्वोच्च पद के अपमान को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।