बीड़ बिलिंग से आए पायलटों ने भरी उड़ान, पैराग्लाइडिंग का व्यावसायिक टैंडम राइडिंग ट्रायल सफल
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साइट को व्यावसायिक दृष्टि से उपयुक्त बताया
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। प्रदेश के बीड़ बिलिंग के बाद अब गढ़ा कुफरी में भी मानव परिंदे उड़ेंगे और कारोबार को पंख देंगे। ठियोग की केलवी पंचायत के गढ़ा कुफरी में पैराग्लाइडिंग का व्यावसायिक टैंडम राइडिंग ट्रायल सफल रहा। मनाली स्थित अटल बिहारी संस्थान की तकनीकी समिति के चेयरमैन अविनाश नेगी ने बताया कि बीड़ बिलिंग से आए अनुभवी पायलटों ने कई बार उड़ान भरकर इस स्थल को व्यावसायिक दृष्टि से उपयुक्त बताया। इस दौरान दो-दो व्यक्तियों के साथ सफल ट्रायल किए गए। ट्रायल के बाद निरीक्षण के लिए आई टीम जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के अनुमोदन के बाद गढ़ा कुफरी में व्यावसायिक पैराग्लाइडिंग को औपचारिक स्वीकृति मिल सकती है। वन निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची ने कहा कि गढ़ा कुफरी अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए पहले ही प्रसिद्ध है। इसे मिनी स्विट्जरलैंड कहा जाता है। अब यहां सफल पैराग्लाइडिंग ट्रायल के बाद यह प्रदेश का एक महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है। शिमला, नारकंडा मार्ग पर मतियाना से करीब 11 किलोमीटर दूर स्थित गढ़ा कुफरी में पहले से ही पर्यटक आते हैं। अब यहां होटल और अन्य पर्यटन सुविधाओं का विकास भी तेजी से हो रहा है। इससे ठियोग क्षेत्र, मधान और आसपास के इलाकों में पर्यटन आधारित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उधर, स्थानीय ग्रामीणों में भी इस पहल को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। कुछ महीने पहले यहां पैरा ग्लाइडर अपनी उड़ान का परीक्षण कर चुके हैं। इस मौके पर जिला विकास अधिकारी जगदीश शर्मा, एसडीएम शशांक गुप्ता, वन मंडल अधिकारी मनीष पॉल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।