आनी (कुल्लू)। जाबन क्षेत्र में शुक्रवार रात्रि करीब नौ बजे आसमान में जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते जोरदार बारिश होने लगी। भारी बारिश को देखकर लोग सहम गए और अपने घरों से बाहर निकल डरावने मंजर को देखते रहे। बारिश इतनी जोरदार हुई कि पूरे क्षेत्र को भूस्खलन ने अपनी चपेट में ले लिया। बादल फटने से करीब 40 परिवारों के खेत खलियान बह गए।
1500 से अधिक सेब के पेड़ बह गए। भूस्खलन से पांच परिवारों के मकानों को खतरा पैदा हो गया है। इसके अलावा आनी-बश्ता और आनी-चित्रकूट सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई। क्षेत्रीय लोग अपनी कुलदेवी माता पच्छला से बारिश थमने की गुहार लगाते रहे। रात को करीब एक बजे बारिश थमी तब लोगों ने माता का धन्यवाद किया। लोग रात एक बजे जागते रहे। सुबह उठे तो लोगों ने अपने खेत खलियानों को उजड़े हुए देखा। नम्होंग पंचायत प्रधान उर्मिला देवी ने मौके पर पहुंचकर प्रभावितों की सूची तैयार की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के थनाली, लारजीपानी, जिठी, दोघरी चित्रकूट, छनोट, जिउंडी, शरण, सरोहटी आदि में भारी नुकसान हुआ है। थनाली में सेसराम, संतोष, यशपाल, अनूपराम, लारजीपानी में अमी चंद, ताराचंद, खयाले राम, शिवराम, शरण में प्रवीन कुमार, तरसेम, दोघरी में राम सिंह, जिठी में दलीप चंद और रिंकू के मकान को खतरा पैदा हो गया है। चित्रकूट में ज्ञानचंद, बेलीराम, राकेश बोध, उर्मिला बोध, सरोहटी में गुड्डू ब्रह्मचारी, छनोट में श्याम दास, बिमला देवी, राजकुमार, राकेश, जिउंडी में रमेश कुमार, रजोड़ी में रामलाल, प्रेम लाल सहित 40 परिवारों काे नुकसान हुआ है। अधिकतर लोगों की जमीनें बह गई हैं। सेब के 1500 से अधिक पेड़ चपेट में आए हैं। कई घरों के आगे दरारें आ गई हैं। वहीं प्रशासन की टीम एसडीएम नरेश वर्मा की अगुवाई में मौके पर पहुंची। उन्होंने नुकसान का निरीक्षण किया। वहीं, बादल फटने के बाद यहां की देहुरी खड्ड ने भयानक रूप धारण कर लिया। खड्ड किनारे रहने वाले आनी कस्बे के निवासियों में अफरातफरी का माहौल रहा।