पेंशन और सेवा प्रबंधन में एक नए युग की शुरुआत
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। राष्ट्रीय डिजिटल इंडिया पहल में सीआईएसएफ ने अपने ई-सर्विस बुक पोर्टल को लांच करने की घोषणा की है, जो सभी सदस्यों के लिए आसान होगी। इस नई पहल को सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए पेंशन प्रक्रिया प्रणाली को सुव्यवस्थित और तीव्र करने के लिए बनाया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उन्हें सेवानिवृत्ति की तिथि पर ही सभी पेंशन लाभ मिल सकें। गौर रहे कि अब तक सेवा पुस्तिका के भौतिक अंतरण के चलते सेवानिवृत्ति पर देय राशि के भुगतान में कई महीनों की देरी होती है। यह अपने सेवारत कर्मियों को भी उनकी सेवा पुस्तिका तक ऑनलाइन पहुंच प्रदान कर लाभान्वित करेगा। सीआईएसएफ कमाडेंट कॉशैलेद्र ने बताया कि नया डिजिटल ढांचा सेवा पुस्तिका के भौतिक अंतरण की आवश्यकता को समाप्त करेगा। ई-सर्विस बुक की प्रमुख विशेषताओं में से एक इसकी त्वरित समय ट्रैक किए जाने की क्षमता है। हितधारक अब त्वरित समय में पेंशन फाइलों की स्थिति देखकर, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कर सकते हैं। यह निरंतर फॉलोअप की आवश्यकता को समाप्त कर सभी संबंधित पक्षों को समय पर अद्यतन प्रदान करता है। इसका सीधा लाभ प्रतिवर्ष सेवानिवृत्त होने वाले लगभग 2400 कर्मियों को मिलेगा। वर्तमान प्रणाली में सेवा पुस्तकों का कई कार्यालयों के मध्य भौतिक अंतरण होता है, जिससे परिणामस्वरूप अधिकतर विलंब और त्रुटियां होती हैं। यह दूर-दराज क्षेत्रों में स्थित इकाइयों के लिए अधिक समस्याजनक है, क्योंकि इस प्रक्रिया में समय की अधिकता और गलतियों की संभावना बन जाती है। इन समस्याओं को हल करने और समय पर पेंशन वितरण सुनिश्चित करने के लिए इसे अंतिम रूप देने से पहले प्रमुख सीएए (गृह) गृह मंत्रालय और पीएओ आरएपीओ से प्राप्त इनपुट को सम्मिलित करने के पश्चात एक ऑनलाइन पोर्टल डिजाइन करने की संकल्पना की गई थी। ई-सर्विस बुक का एक अन्य प्रमुख लाभ यह है कि यह एक सहभागी पटल के रूप में कार्य करता है। मूल इकाई उच्चतर प्रशासनिक प्रतिष्ठानों और आरपीएओ पीएओ सहित सभी हितधारक अब एक ही पटल पर निर्बाध रूप से सहभागिता कर सकते हैं। यह कुशल संचार, प्रश्नों के त्वरित समाधान और सेवा आंकड़ों के समय पर अद्यतन को बढ़ावा देता है। पेंशन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के अतिरिक्तए ई-सर्विस बुक सेवारत कर्मियों को उनकी सेवा पुस्तिकाओं तक ऑनलाइन पहुंच प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाती है। यह उन्हें अपने सेवा रिकॉर्ड की निगरानी करने, किसी भी विसंगतियों की पहचान करने और समय पर सुधारात्मक कार्रवाई शुरू करने में समर्थ बनाता है।