छंटीनाला-माथवी पेयजल योजना की हालत बनी दयनीय, बच्चे हो रहे बीमार
दो वर्ष पूर्व बरसात के समय क्षतिग्रस्त एक इंच की दस पाइपें भी मुहैया नहीं कर पाया विभाग
जुगाड़ लगाकर रबर पाइप जोड़ कर पिलाया जा रहा है ग्रामीणों को पेयजल
हरिकृष्ण शर्मा
आनी (कुल्लू)। मुहान पंचायत के अंतर्गत आने वाली छंटीनाला-माथवी पेयजल योजना की खस्ताहालत से चार गांवों के ग्रामीण परेशान है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले करीब पांच सालों से इस योजना का मटमैला पानी पीने को मजबूर हैं। इसकी वजह यह है कि जिस सोर्स से ग्रामीणों को इस योजना का पानी आ रहा है, वहां पानी को इंटेक नहीं किया गया है। वहीं, बीते दो वर्ष पूर्व क्षेत्र में बरसात के समय हुई आपदा के दौरान यहां करीब एक इंच की दस पाइपें क्षतिग्रस्त हो गई थी। पेयजल आपूर्ति को बहाल करने के लिए तत्काल आनन-फानन में रबर की पाइप जोड़कर जुगाड़ से पेयजल आपूर्ति तो बहाल कर दी गई, लेकिन दस सालों बाद भी आज तक रबर की पाइप के स्थान पर विभाग ने पाइपें नहीं बदली हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष है। मुहान पंचायत के गांव माथवी, मदूत, बढनेरला और कोलधार के ग्रामीण बलवीर सिंह, ध्यानसिंह, केशवराम, हेमराज, पूर्णचंद, गोपाल भारद्वाज, लीला प्रकाश, राजकुमार, योगराज, संजय कुमार, घनश्याम, बेलीराम और विक्की ठाकुर का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए उन्होंने विभाग से कई बार गुहार लगाई है। पिछले करीब पांच सालों से सभी ग्रामीण मटमैला पानी पीने को मजबूर है। बच्चे बीमार हो रहे हैं, जिसकी वजह खराब पेयजल बताया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे शिमला जाकर मंत्री से बात करेंगे। दो वर्ष पूर्व बरसात के समय उनकी लाइन की एक इंच की दस पाइपें क्षतिग्रस्त हुई है, जिसके स्थान पर रबर की पाइपें जोड़ी गई थीं, जिन्हें आज तक नहीं बदला गया है। ग्रामीणों ने विभाग से रबड़ की पाइपों को भी बदलने की मांग उठाई है। वहीं, अधिशासी अभियंता आनी किशोर शर्मा का कहना है कि समस्या को दो दिनों के भीतर दूर किया जाएगा।