भाजपा नेता चेतन बरागटा कोटखाई में कन्या स्कूल के समायोजन के विरोध में प्रेस वर्ता के दौरान अपने
कोटखाई कन्या स्कूल के विलय पर चेतन बरागटा ने उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। भाजपा नेता चेतन बरागटा ने राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल कोटखाई के प्रस्तावित विलय को लेकर प्रदेश सरकार और शिक्षा मंत्री को घेरते हुए प्रश्न उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। इस पर सरकार को पारदर्शिता के साथ स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। चेतन बरागटा ने मांग की है कि अभिभावकों के लिए सीबीएसई और हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड दोनों स्कूलों के विकल्प उपलब्ध रहने चाहिए। उन्होंने सरकार से पूछा कि स्कूलों के विलय या बंद करने के लिए क्या निर्धारित मानदंड हैं और क्या इन्हें सार्वजनिक किया गया है। उनका कहना था कि बिना स्पष्ट नीति के ऐसे फैसले शिक्षा व्यवस्था में असमंजस पैदा करते हैं। उन्होंने परीक्षा सत्र के दौरान विलय का निर्णय लेने पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस समय लिया गया फैसला विद्यार्थियों पर अनावश्यक मानसिक दबाव डाल सकता है। उनकी पढ़ाई और परीक्षाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों का शैक्षणिक हित सर्वोपरि होना चाहिए। टीचिंग और सपोर्टिंग स्टाफ के भविष्य को लेकर भी उन्होंने सरकार से जवाब मांगा। बरागटा ने कहा कि बिना स्पष्ट स्थानांतरण नीति के शिक्षकों को इधर-उधर भेजना उचित नहीं है।