आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र सुमरा
डेपुटेशन तत्काल निरस्त नहीं किया तो कोर्ट जाएगी हंगरंग वैली
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर के दुर्गम आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र सुमरा में तैनात चिकित्सक को प्रतिनियुक्ति पर आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र रिकांगपिओ में तैनात किया गया है। ऐसे में हंगरंग वैली के ग्रामीणों को उपचार के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हंगरंग वैली के जिला परिषद सदस्य शांता कुमार नेगी ने आयुष के निदेशक निपुण जिंदल से सरकारी आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र सुमरा में डेढ़ वर्षों से सेवाएं दे रहे डॉ. गगनदीप को रिकांगपिओ आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रतिनियुक्ति को तत्काल रूप से निरस्त करने की मांग उठाई है। निदेशक निपुण जिंदल ने डॉ. गगन दीप को रिकांगपिओ में आयुर्वेदिक अस्पताल दो महीने के लिए प्रतिनियुक्ति पर रखने का निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि अगर प्रतिनियुक्ति को तत्काल रूप से निरस्त नहीं करते हैं, तो हंगरंग वैली की जनता कोर्ट में जाएगी। जिला परिषद सदस्य शांता कुमार नेगी ने कहा कि चिकित्सक की तैनाती के बाद ग्रामीण चिकित्सा सेवाओं से वंचित हैं। सीमावर्ती सुमरा गांव में कोई एलोपैथिक अस्पताल भी नहीं है और अति दुर्गम व पिछड़ा गांव है। गांव में 45 घर हैं, जिसमे 250 के करीब ग्रामीण निवास करते हैं। ग्रामीणों को उपचार के लिए 20 किलोमीटर दूर ताबो, 45 किलोमीटर काजा और चांगो 30 किलोमीटर के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। यहां से चिकित्सक को प्रतिनियुक्ति पर भेजने से ग्रामीणों में भारी रोष है। रिकांगपिओ अस्पताल में तीन डॉक्टर पहले ही मरीजों का उपचार कर रहे हैं। हंगरंग वैली के ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने सरकार और विभाग से आग्रह किया है कि चिकित्सक के प्रतिनियुक्ति आदेश तुरंत निरस्त करें।