. ब्रांदली में नोटा मुहर को लेकर हुए विवाद को लेकर जताई आपत्ति
. नोटा के लिए अलग मुहर उपलब्ध करवाना प्रशासनिक स्तर की गंभीर त्रुटि : डॉ. टैगोर
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
चुनावी टीम के निलंबन पर बुशहर शिक्षक संघ रामपुर ने कड़ा रोष जताया है। उपमंडल रामपुर की नरैण पंचायत के ब्रांदली प्रकरण में पीठासीन अधिकारी समेत संपूर्ण चुनावी टीम को निलंबित किए जाने को लेकर संघ ने आपत्ति जताते हुए इसे पूरी तरह अनुचित और अन्यायपूर्ण करार दिया है। संघ ने इस मामले में रिटर्निंग अधिकारी की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं और तुरंत प्रभाव से निलंबित की गई चुनावी टीम के अधिकारियों की बहाली की मांग उठाई है। संघ ने चेताया है कि यदि इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं हुआ, तो शिक्षक वर्ग इस मुद्दे को आवाज बुलंद करने से पीछे नहीं हटेंगे। संघ के अध्यक्ष डॉ. एसएस टैगोर ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान नोटा का प्रावधान पहले से ही बैलेट पेपर में अंकित होता है और उसी पर निर्धारित वोटिंग मोहर के माध्यम से मत दिया जाता है। नोटा के लिए किसी अलग मुहर का प्रावधान नहीं होता है। ऐसे में यदि कहीं नोटा के लिए अलग मुहर उपलब्ध करवाई गई या उसका उपयोग करवाया गया, तो यह स्पष्ट रूप से प्रशासनिक स्तर की गंभीर त्रुटि है। उन्होंने कहा कि चुनाव सामग्री और दिशा-निर्देश उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी रिटर्निंग ऑफिसर की होती है। यदि गलत सामग्री या अस्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, तो इसकी जवाबदेही संबंधित अधिकारी की बनती है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन अधिकारी को अपनी गलती का ठीकरा शिक्षकों पर नहीं फोड़ना चाहिए। इसके विपरीत पीठासीन अधिकारी और ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों को दोषी ठहराकर निलंबित करना न्यायसंगत नहीं है। डॉ. टैगोर ने प्रशासन से मांग की है कि निलंबित कर्मचारियों को अति शीघ्र बहाल किया जाए। मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषी अधिकारी के विरुद्ध उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बिना ठोस जांच के कर्मचारियों पर कार्रवाई करना न केवल उनके मनोबल को प्रभावित करता है, बल्कि भविष्य में चुनावी दायित्वों के प्रति भी नकारात्मक संदेश देता है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो शिक्षक वर्ग इस मुद्दे को लेकर आगे भी आवाज उठाने को बाध्य होगा।