आग से क्षतिग्रस्त कई बड़े पेड़ कभी भी बन सकते हैं हादसों का कारण
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संवाद न्यूज एजेंसी नेरवा (रोहड़ू) । राजकीय महाविद्यालय नेरवा के साथ लगते जंगल में लगी भीषण आग के बाद अब जले हुए पेड़ क्षेत्र में खतरे का कारण बन गए हैं। आग से क्षतिग्रस्त कई बड़े पेड़ गिरने की स्थिति में हैं, जिनमें से कुछ पेड़ नेरवा कॉलेज की इमारत के बिल्कुल पास खड़े हैं। ऐसे में कभी भी ये पेड़ टूटकर भवन की छत या परिसर में गिर सकते हैं, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान होने की आशंका है। स्थानीय स्तर पर स्थिति को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। महाविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं, स्टाफ और आसपास के लोगों के लिए यह खतरा लगातार बना हुआ है। विशेषकर, तेज हवा या बारिश के दौरान इन जले हुए पेड़ों के गिरने की आशंका अधिक बढ़ जाती है। महाविद्यालय के प्राचार्य हरबंस लाल शर्मा ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर प्रशासन को अवगत करवा दिया है। उन्होंने बताया कि चौपाल के एसडीएम और वन विभाग को पत्राचार व फोन के माध्यम से सूचित कर दिया गया है। जल्द इन खतरनाक पेड़ों को हटाने का आग्रह किया गया है। वन परिक्षेत्र अधिकारी नेरवा विजय कुमार चौहान ने बताया कि आग से क्षतिग्रस्त पेड़ों का आकलन कर उनकी गिनती की जा चुकी है। इसकी रिपोर्ट वन मंडलाधिकारी चौपाल को भेज दी गई है और पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अनुमति मिलते ही प्राथमिकता के आधार पर इन खतरनाक पेड़ों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, जब तक इन पेड़ों को हटाया नहीं जाता, तब तक महाविद्यालय परिसर में खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों और महाविद्यालय प्रशासन ने संबंधित विभागों से मांग की है कि किसी भी अनहोनी से पहले त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि संभावित दुर्घटना को टाला जा सके।