कोटखाई (रोहड़ू)। सेब के बगीचों इस बार ब्लैक एफिड कीट का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। यह कीट पत्तियों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा रहा है। इससे पौधों और फलों की वृद्धि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। ब्लैक एफिड कीट पत्तियां और फलों से रस चूसते हैं। इससे पौधों की प्राकृतिक विकास प्रक्रिया बाधित हो रही है। यदि समय रहते इस कीट को रोका नहीं गया, तो सेब की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों पर बुरा असर पड़ सकता है। इससे बागवानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। चिंता की बात यह है कि इस समस्या से निपटने के लिए उद्यान विभाग के केंद्रों में आवश्यक दवाइयां तक उपलब्ध नहीं हैं। मजबूरी में बागवानों को निजी दुकानों से महंगे दामों पर दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। उद्यान विकास अधिकारी नवीन ने बताया कि ब्लैक एफिड कीट पत्तों से क्लोरोफिल और फलों का रस चूसता है। इस वजह से फलों व पत्तों पर विपरीत असर पड़ता है। इसकी रोकथाम के लिए बागवानों को मैलाथियान की सप्रे करनी चाहिए। अभी उद्यान केंद्रों पर दवाइयां उपलब्ध नहीं है। शीघ्र ही उद्यान केंद्र पर दवाइयां मिल जाएंगी।
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