रिकांगपिओ (किन्नौर)। आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष मनीष कुमार नेगी ने प्रदेश में 108 और 102 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों की बदहाली को लेकर रोष जताया है। उन्होंने प्रदेश की कांग्रेस और पूर्व की भाजपा सरकार पर कर्मचारियों का शोषण करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 15 साल से राज्य की स्वास्थ्य सेवा की रीढ़ माने जाने वाले ये कर्मचारी आउटसोर्सिंग के नाम पर भारी शोषण का शिकार हो रहे हैं। वर्ष 2010 में भाजपा सरकार की ओर से शुरू की गई इस आउटसोर्स नीति को कांग्रेस सरकार ने भी बिना किसी सुधार के जारी रखा। उन्होंने बताया कि इन कर्मचारियों से 12-12 घंटे ड्यूटी ली जा रही है, लेकिन वेतन न्यूनतम मजदूरी से भी कम 6 हजार से 8 हजार रुपये दिया जा रहा है। निजी कंपनियां कागजों पर ज्यादा वेतन दिखाकर असल में कर्मचारियों की मेहनत की कमाई डकार रही हैं। सरकार प्रति एंबुलेंस लाखों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन यह पैसा कर्मचारियों तक नहीं पहुंच रहा। राज्य में तैनात करीब 1400 ड्राइवर और ईएमटी आज मानसिक उत्पीड़न और आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे हैं। 25 दिसंबर को एंबुलेंस कर्मचारियों की ओर से घोषित धरने का समर्थन करते हुए मनीष नेगी ने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस सरकार ने तुरंत स्थायी नीति नहीं बनाई, वेतन वृद्धि नहीं की और पिछला एरियर नहीं दिया, तो आम आदमी पार्टी सड़क से सदन तक बड़ा जन आंदोलन छेड़ेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा की इस मुद्दे पर चुप्पी उनकी मिलीभगत को दर्शाती है।