ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। लक्ष्मी नारायण मंदिर मझगांव में बैसाखी पर बिरशु मेला मनाय गया। सबसे पहले सुबह लक्ष्मी नारायण मंदिर से देवता के चुने गए लोग पडेई पेड़ रूपी ध्वजा लाने गए। पडेई की देवता के मंदिर में पूजा-अर्चना की गई। उसके बाद फूल माला से सजाकर खड़ा किया गया। देवता साहब लक्ष्मी नारायण और देवता साहब झांगरू अपने रथ में मंदिर से बाहर आए। देवता के माली बिट्टू पुजारी ने रस्म को पूरा किया। करीब 50 फीट ऊंचे ध्वजा पडेई में कई लोगों ने उसके शिखर से डाली तोड़ने के लिए प्रयास किया। आखिर मंगल सिंह नावरी नेंबाई ने शिखर तक जाने में सफलता पाई। ऐतिहासिक रस्म को निभाते हुए ताड़ी डकोली के साथ ऐतिहासिक गीत देवता के समक्ष सुनाया गया। मेले के अवसर पर देवताओं ने ग्रामीणों के साथ नाटी डाली। मंदिर कमिटी के प्रधान जयसिंह मेहता ने बताया यह ऐतिहासिक मेला हर वर्ष धूमधाम से मनाया जाता है। क्षेत्र के सभी ग्रामीण इस में बढ़चढ़ कर भाग लेते हैं। इस अवसर पर मोतमीन दुर्गा सिंह, भुवनेहवर धंगल और राम सिंह इत्यादि मौजूद रहे।