डर के साये में जी रहे कुबंन गांव के ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। ननखड़ी, डंसा और शाहधार पंचायत के बाद अब तकलेच पंचायत के ग्रामीण भालू के आतंक से दहशत में हैं। तकलेच पंचायत के कुबंन गांव में रविवार रात को भालू ने खूब आतंक फैलाया। भालू ने प्लम समेत कई गुठलीदार फलों के पेड़ तोड़ डाले, जिससे बागवानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। भालू के आतंक से पंचायत के गांवों के ग्रामीणों में डर का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से भालू की समस्या से निजात दिलाने की मांग उठाई है। उपमंडल रामपुर की तकलेच पंचायत के कई गांवों के ग्रामीण इन दिनों भालू के आतंक से खौफजदा हैं। इन दिनों तकलेच पंचायत के निचले क्षेत्रों में गुठलीदार फलों की फसल तैयार हो रही है। बीती रात को भालू ने कुबंन गांव में प्लम, शक्करपारे और आड़ू की फसलों को काफी क्षति पहुंचाई। कई बगीचों में जाकर भालू ने स्टोन फ्रूट से लदे पेड़ों को नीचे से तोड़ दिया। ऐसे में जहां बागवानों को फसल का नुकसान हुआ है, वहीं पेड़ों के टूटने से आगामी फसल पर भी संकट पैदा हो गया है। जानकारी के मुताबिक रविवार की रात को भालू ने गुमान कायथ, अब्बू कायथ, परस राम, राजू भलूनी, रोशन लाल, रामेश्वर कायथ, जवाहर भलूनी की खड़ी फसल को तहस-नहस कर दिया। सुबह उठकर जब बागवानों ने अपने-अपने बगीचों की ऐसी हालत देखी, तो वे सभी हैरान रह गए। अब ग्रामीणों ने वन विभाग से आग्रह किया है कि वे अपने स्तर पर भालू को पकड़ने के लिए कारगर कदम उठाएं। इसी तरह से भालू खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाता रहा, तो बागवानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। बागवानों ने भालू को पकड़ने के लिए वन विभाग से मौके पर पिंजरा लगाने या फिर भालू को यहां से भगाने की मांग की है। रामपुर के डीएफओ गुरहर्ष सिंह ने बताया कि फील्ड से जानकारी ली जा रही है। यदि भालू की समस्या है, तो जल्द ही उसका निवारण किया जाएगा।