एसएसबी प्रशिक्षण केंद्र सराहन में आयोजित शिविर में रक्तदान करते जवान। संवाद
सशस्त्र सीमा बल प्रशिक्षण केंद्र सराहन में जागरूकता कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। विश्व रक्तदान दिवस पर सशस्त्र सीमा बल प्रशिक्षण केंद्र सराहन के प्रशिक्षण अस्पताल परिसर में रक्तदान जागरूकता एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान एसएसबी के जवानों ने 16 यूनिट रक्तदान किया। यह कार्यक्रम द्वितीय कमान अधिकारी प्रवीण कुमार के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जीवन रक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को बढ़ावा देना था। उपस्थित सभी कार्मिकों को स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व से अवगत कराया गया। उन्हें नियमित रूप से रक्तदान करने की शपथ भी दिलाई गई। रक्तदान करने वाले जागरूक कार्मिकों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रवीण कुमार ने कहा कि रक्तदान केवल एक चिकित्सीय प्रक्रिया नहीं है। यह मानवता की सेवा का सर्वोच्च माध्यम है। उन्होंने बताया कि विज्ञान की प्रगति के बावजूद रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है। दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों और आपातकालीन प्रसूति जैसी परिस्थितियों में स्वैच्छिक रक्तदान ही जीवन रक्षा का आधार बनता है। एक स्वस्थ व्यक्ति का एक यूनिट रक्तदान तीन से चार जरूरतमंदों को नया जीवन दे सकता है। नियमित रक्तदान से शरीर में नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है और रक्त संचार बेहतर रहता है। कार्यक्रम का आयोजन मानव सेवा और जीवन रक्षा की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए किया गया था। इसमें सभी कार्मिकों को स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व के बारे में बताया गया। उन्हें नियमित रूप से रक्तदान करने की शपथ दिलाई गई। द्वितीय कमान अधिकारी प्रवीण कुमार ने रक्तदान को मानवता की सेवा का सर्वोच्च माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है। प्रवीण कुमार ने बताया कि एक यूनिट रक्तदान से तीन से चार लोगों का जीवन बच सकता है। नियमित रक्तदान से शरीर में नई रक्त कोशिकाएं बनती हैं। इससे रक्त संचार बेहतर होता है और स्वास्थ्य की नियमित जांच का अवसर मिलता है। कार्यक्रम में 16 यूनिट रक्तदान किया गया, जो एक सराहनीय योगदान है। रक्तदान करने वाले कार्मिकों को उनके योगदान के लिए प्रमाण-पत्र भी दिए गए।