फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन माह में ग्रेच्यूटी देने का दिया आश्वासन, इंतजार में हो गया एक साल : राजकुमार

विज्ञापन
झाकड़ी में मांगों को लेकर प्रदर्शन करते परियोजना के संविदा कर्मचारी। स्रोत : सीटू
विज्ञापन
10वें दिन भी संविदा कर्मचारियों का मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी
विज्ञापन


प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों ने समझौते लागू करने की उठाई मांग

मांगें पूरी न होने तक मजदूर करेंगे शांतिपूर्ण प्रदर्शन : कामराज

संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर।
नवरत्न एसजेवीएनएल 1500 मेगावाट परियोजना में कार्यरत संविदा कर्मचारियों का शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन झाकड़ी में 10वें दिन भी जारी रहा। मजदूरों ने परियोजना प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि बार-बार हुए लिखित समझौतों और आश्वासनों के बावजूद आज तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया है। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीटू मजदूर यूनियन के अध्यक्ष राजकुमार ने कहा कि 28 अगस्त 2025 को एएलसी कार्यालय चंडीगढ़ में ग्रेच्युटी संबंधी समझौता हुआ था, जिसमें तीन माह के भीतर ग्रेच्युटी नीति लागू करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन जून 2026 समाप्त होने को है और आज तक यह नीति लागू नहीं की गई है। महासचिव कामराज ने कहा कि मार्च 2026 में परियोजना प्रमुख को दिए गए मांगपत्र पर भी आज तक कोई सार्थक वार्ता नहीं हुई है। 2025 से अब तक हुए विभिन्न समझौतों और बैठकों के निर्णयों को लागू नहीं किया जा रहा है, जिससे मजदूरों में असंतोष है। यूनियन सदस्य खुशी राम ने यह आरोप लगाया कि राइजिंग डे के अवसर पर कुछ चुनिंदा कर्मचारियों को सम्मानित कर उनके खातों में प्रोत्साहन राशि दी गई, जबकि यूनियन ने सभी कर्मचारियों को समान प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव रखा था। यूनियन का कहना है कि यह मजदूरों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार है। यूनियन उपाध्यक्ष गुरदास ने आरोप लगाया कि 30 सितंबर 2025 और 2 दिसंबर 2025 को परियोजना प्रमुख के साथ हुए उस समझौते का भी उल्लेख किया, जिसमें कार्य के आधार पर पद एवं वेतन निर्धारित करने पर सहमति बनी थी। पहले इसे 1 जनवरी 2026 से और बाद में 1 अप्रैल 2026 से लागू करने का आश्वासन दिया गया। जून 2026 तक भी इसे लागू नहीं किया गया। किसान सभा के जिला अध्यक्ष रंजीत ठाकुर ने कहा कि मजदूरों के साथ लगातार शोषण और भेदभाव किया जा रहा है। उनके वैध अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। लंबे समय से कार्यरत संविदा कर्मचारियों के साथ न्याय नहीं हो रहा है। सीटू मजदूर यूनियन ने परियोजना प्रबंधन से मांग की है कि एएलसी कार्यालय में हुए समझौतों, कार्य के आधार पर पद एवं वेतन संबंधी निर्णयों और मार्च 2026 के मांगपत्र पर तत्काल वार्ता कर सभी लंबित मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए। यूनियन ने स्पष्ट किया कि जब तक मजदूरों की न्यायसंगत मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें