विशेषज्ञों की सलाह, बागवान अभी से बरतें सावधानी
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। मौसम साफ होने पर जैसे-जैसे तापमान में वृद्धि हो रही है, कम ऊंचाई वाले सेब के बगीचों में फल छेदक सुंडी के हमले का खतरा बढ़ रहा है। इस साल कई क्षेत्रों में सेब के पेड़ों पर फूल की संख्या कम देखी गई है, जिससे जो भी फल गुच्छों में विकसित हो रहे हैं, उन पर कीट का खतरा पहले से अधिक हो गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, मटर के आकार तक के फल इस कीट के सबसे आसान निशाने होते हैं। यह सुंडी फल में छेद कर अंदर प्रवेश कर जाती है, जिससे फल अंदर से खराब हो जाता है और समय से पहले गिर भी सकता है। बागवानों का कहना है कि पिछले कई साल में जब तापमान अधिक रहाए तो उस दौरान इस कीट के कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। यदि समय रहते रोकथाम न की जाएए तो उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है। उद्यान विकास अधिकरी यशवंत बागींटा ने बागवानों को सलाह दी है कि बगीचों की नियमित निगरानी करें। प्रभावित फलों को तुरंत तोड़कर नष्ट करें। कीट के शुरुआती लक्षण दिखते ही नियंत्रण उपाय अपनाएं। रात के समय ट्रैप का उपयोग करें, जिससे कीट की गतिविधि का पता चल सके। उचित समय पर अनुशंसित कीटनाशकों का छिड़काव करें। उन्होंने बताया कि अभी का समय रोकथाम के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। क्योंकि एक बार सुंडी फल के अंदर पहुंच गई, तो नियंत्रण करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि यदि बागवान अभी सतर्क नहीं हुए, तो इस साल पहले ही फसल कम होने के कारण नुकसान और बढ़ सकता है। समय पर सावधानी और वैज्ञानिक सलाह का पालन करना बेहद जरूरी है। गर्मी के इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी हानि का कारण बन सकती है, इसलिए बागवानों को अभी से सक्रिय होने की जरूरत है।