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Rampur Bushahar News: सेब के बगीचे अल्टरनेरिया ब्लाइट और वूलि एफिड रोग की चपेट में आए

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आनी के जलोड़ी जोत में सेब के बगीचे आए विभिन्न रोगों की चपेट में। संवाद
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जलोडी क्षेत्र की छह पंचायतों के बगीचों का विशेष विशेषज्ञ उत्तम पराशर ने किया दौरा, बागवानों को रोग की रोकथाम करने के दिए टिप्स
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संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। मौसम में आए बदलाव के चलते सेब के बगीचे कई बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। आनी खंड की जलोड़ी क्षेत्र की छह पंचायतों में सेब के बगीचे बीमारियों की चपेट में आने से बागवान हो गए चिंतित हैं। आनी खंड की खनाग, लझेरी, खुन्न, बटाला, कोहिला और कमांद में कई बगीचे इन दिनों अल्टरनेरिया ब्लाइट और वूलि एफिड रोग की चपेट में आ गए हैं। बागवानी विभाग आनी के विषय विशेषज्ञ उत्तम पराशर ने इन पंचायतों के सेब बगीचों का दौरा किया। उन्होंने बागवानों की हर बात को सुना और कहा कि अल्टरनेरिया ब्लाइट रोग से एक साइड की पत्तियां सिकुड़कर सूख जाती हैं। साथ ही पत्तियों में धब्बे भी आ जाते हैं। इसकी रोकथाम के लिए उन्होंने बागवानों को जिनब प्लस हेक्साकोनाजोल का स्प्रे 600 ग्राम प्रति 200 लीटर पानी में मिलाकर करने की सलाह दी। वहीं, वूलि एफिड की रोकथाम के लिए उन्होंने सलाह दी है कि इसकी रोकथाम के लिए बागवान अभी स्प्रे न करें। वूलि एफिड की रोकथाम के लिए सेब तुड़ान के तुरंत बाद क्लोरपाइरीफास का स्प्रे 400 एमएस प्रति दो सौ लीटर पानी में मिलाकर करें। उन्होंने कहा कि विभाग में इन बीमारियों से संबंधित दवाइयां उपलब्ध हैं। बागवान दवाइयां अपने नजदीकी उद्यान प्रसार केंद्रों से प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बागवानों से अपील की है कि अपने बगीचों को साफ रखें और तौलिए वाली जगह में घास को हटा दें।
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