बागवानों की आजीविका सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांंगपिओ (किन्नौर)। कल्पा में सेब ग्रेडिंग यूनिट का वीरवार को शुभारंभ हो गया। आजीविका विविधीकरण एवं मूल्य शृंखला संवर्धन के माध्यम से जनजातीय समुदायों का सशक्तीकरण परियोजना के अंतर्गत एप्रोप्रियेट टेक्नोलॉजी इंडिया (एटीआई) ने यूनिट का उद्घाटन किया। यह यूनिट स्थानीय सेब उत्पादक बागवानों को सहयोग प्रदान करने के लिए किन्नर कैलाश फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के माध्यम से स्थापित की गई है। एटीआई के कार्यकारी निदेशक संजय बिष्ट कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। विशेष अतिथि के रूप में एटीआई के वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक यशवंत रावत उपस्थित रहे। संजय बिष्ट ने कहा कि यह मशीनरी बागवानों के लिए मूल्य संवर्द्धन और उनकी आमदनी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि एटीआई अक्तूबर, 2024 से किन्नौर जिले में एचडीएफसी परिवर्तन परियोजना का कार्यान्वयन कर रही है। इसके तहत कल्पा खंड के 11 गांवों में सतत् एवं जलवायु अनुकूल आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रमुख गतिविधियों में मधुमक्खी पालन, ऑफ सीजन सब्जी उत्पादन, मशरूम उत्पादन, परंपरागत किन्नौरी हथकरघा प्रोत्साहन, कृषि उपकरण बैंक की स्थापना, सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइट स्थापना जैसी पहलें शामिल हैं। इन पहलों के माध्यम से एटीआई का उद्देश्य स्थानीय जनजातीय समुदायों, विशेषकर महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाना, उनकी आर्थिक और सामाजिक आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करना है।