बागवानी को लागातर हो रहा नुकसान सेब उत्पादक चिंतित
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संवाद न्यूज एजेंसी रोहड़ू। कोटखाई और छौहरा के कई स्थानों पर वीरवार दोपहर बाद तेज अंधड़ और ओलावृष्टि ने बागवानी को फिर प्रभावित किया है। लगातार मौसम की इस मार से सेब उत्पादकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। तेज हवा से सेब के बगीचों में लगाए गए हेलनेट उखड़कर दूर जाकर गिरे, जिससे सेब की फसल और पौधों को नुकसान पहुंचा है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इस समय सेब की फसल संवेदनशील अवस्था में है। ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने फूलों और छोटे फलों को नुकसान पहुंचाया है। वीरवार को कोटखाई क्षेत्र के देवरी घाट समेत कई स्थानों पर ओलावृष्टि हुई। रोहड़ू उपमंडल के छौहरा क्षेत्र में भी तेज हवा और अंधड़ के साथ ओले गिरने से सेब की फसल को क्षति पहुंची है। कई जगहों पर सेब के पौधों से फूल और छोटे फल झड़ गए हैं। इस बार बारिश से मध्यम और निचले क्षेत्रों में स्थिति पहले ही खराब हो चुकी है। पहले पाला, अनियमित बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण सेब की फसल पहले ही चौपट हो चुकी है। अब अंधड़ और ओलावृष्टि ने बची-खुची उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया है। बागवानों का कहना है कि इस बार उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। कई गांव में बागवानों ने लाखों रुपये खर्च कर इन एंटी हेलनेट को लगाया, जो तेज हवाओं में उखड़ गए और क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इन्हें दोबारा स्थापित करना छोटे और मध्यम किसानों के लिए बड़ी चुनौती है। बागवानी विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम के पैटर्न के चलते ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे बागवानी क्षेत्र पर दीर्घकालिक प्रभाव देखने को मिल रहा है।
वीरवार को दोपहर बाद ओलावृष्टी से क्षतिग्रस्त सेब के फल। संवाद