अदालत से:
चेक बाउंस मामले में अपील खारिज, छह माह की सजा बरकरार. दोषी को 1.80 लाख रुपये के मुआवजे की सजा भी दी गई
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। चेक बाउंस के एक मामले में आरोपी को निचली अदालत की ओर से दी गई छह माह की साधारण कारावास और 1.80 लाख रुपये के मुआवजे की सजा को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश किन्नौर ने बरकरार रखा है। दोषी को 19 अगस्त तक निचली अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया गया है। यह मामला नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा-138 के तहत मनोहर सिंह बनाम ओमकार सिंह शीर्षक से दर्ज किया गया था। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रामपुर ने 6 अक्तूबर 2025 को ओमकार सिंह को दोषी ठहराया। शिकायतकर्ता मनोहर सिंह एक बागवानी विशेषज्ञ हैं। वह सेब की फसल की ग्रेडिंग और पैकिंग का काम करते हैं। ओमकार सिंह भी बागवानी विशेषज्ञ हैं। दोनों एक-दूसरे को जानते थे। अक्तूबर-नवंबर 2019 में ओमकार सिंह ने मनोहर सिंह से अपने बाग से सेब की फसल तोड़ने, ग्रेडिंग और पैकिंग करने का अनुरोध किया था। मनोहर सिंह ने अपने खर्च पर मजदूर लगाए और मशीनें स्थापित कीं। इस काम पर 1.40 लाख हजार रुपये से अधिक का खर्च आया था। मनोहर सिंह ने ओमकार सिंह से भुगतान का अनुरोध किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। ओमकार सिंह ने एक चेक जारी किया। यह चेक खाते में अपर्याप्त धनराशि के कारण बाउंस हो गया था। इसके बाद ओमकार सिंह को कानूनी नोटिस भेजा। इन आरोपों के आधार पर, नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा-138 के तहत शिकायत दर्ज की गई थी। अपर सत्र न्यायाधीश हरमेश कुमार ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया। अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता ने अपने दावे को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत पेश किए हैं। ओमकार सिंह ने अपने बचाव में कोई ठोस सबूत नहीं दिया।