पिछले कई दिनों से बारिश और ओलावृष्टि ने आनी विधानसभा क्षेत्र में तबाही मचाई है। इससे नित्थर के कई इलाके भी नहीं बच पाए हैं। लोट, दुराह और नित्थर पंचायत के कई इलाके हैं, जहां सेब के बागवानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। ओलावृष्टि ने कई जगह तो पेड़ से छिलके तक निकाल दिए हैं और कई जगह सेब के पेड़ भी उखड़ गए हैं। हालांकि, कई स्थानों पर सेब के पेड़ों पर लगे एंटी हेलनेट ने बागवानों को भारी नुकसान से बचाया है। ये जाली न सिर्फ सेब के पेड़ में आए कोमल फूल को बचाता है, बल्कि अगली साल होने वाली सेब फसल की भी रक्षा करती है। भूपिंद्र चौहान, जय सुख, हुक्म चंद और चिंटू ठाकुर सहित अन्य बागवानों का कहना है कि दुराह क्षेत्र के ऊंचाई वाले इलाकों में एंटी हेलगन का लगना बेहद आवश्यक है। इससे नित्थर के एड़शी, बुआई, शिल्लाबाग, शरटी, दुराह और लोट सेब बहुल क्षेत्र ओलों से सुरक्षित हो सकते हैं।
आनी क्षेत्र के बागवानों के राहत बनी एंटी हेलनेट। संवाद