उपचार के दौरान पीजीआई चंडीगढ़ में घायल रजत चौहान ने तोड़ा दम
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू )। उत्तराखंड के क्वाणु में 3 फरवरी को हुए बस हादसे के एक और घायल युवक ने दम तोड़ दिया है। इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर अब छह हो गई है। नेरवा के शलानिया गांव निवासी 25 वर्षीय रजत चौहान पुत्र मोहर सिंह बीते 16 दिनों से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा था। बीती रात उसने पीजीआई चंडीगढ़ में अंतिम सांस ली। हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल रजत को पहले सिविल अस्पताल विकासनगर में भर्ती करवाया गया था। वहां से परिजन उसे बेहतर उपचार के लिए देहरादून के एक निजी अस्पताल ले गए, लेकिन हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। यहां डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। उल्लेखनीय है कि इस भीषण दुर्घटना में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। बाद में बस चालक दिनेश शर्मा ने भी पांच दिन उपचार के बाद पीजीआई चंडीगढ़ में दम तोड़ दिया था। एक अन्य घायल नेक मुहम्मद निवासी ग्राम क्यारला तहसील नेरवा को पीजीआई से छुट्टी मिलने के बाद घर भेजा गया था, लेकिन घर पहुंचने पर अचानक तबीयत बिगड़ने से उसकी भी सिविल अस्पताल नेरवा में मृत्यु हो गई। रजत चौहान की मौत से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। रजत का अंतिम संस्कार रविवार को उसके पैतृक गांव शलानिया में किया जाएगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से हादसे की विस्तृत जांच और प्रभावित परिवारों को उचित सहायता देने की मांग की है।