मुख्यमंत्री और मंत्री ने की है निरस्त नगर पंचायत को फिर से बनाने की घोषणाएं
हरिकृष्ण शर्मा
आनी (कुल्लू)। चार वर्ष पहले आनी कस्बे को नगर पंचायत का दर्जा दिया गया था, लेकिन कुछ लोगों ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट के आदेश पर वैधानिक प्रक्रिया पूरी न होने पर नगर पंचायत को निरस्त कर दिया गया और सरकार को इसे नए सिरे से बनाने के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री ने आनी को फिर से नगर पंचायत बनाने की घोषणाएं तो कीं, लेकिन धरातल पर नगर पंचायत चुनावों से पूर्व बन पाएगी या नहीं, इसे लेकर असमंजस है। क्योंकि नई जनगणना अभी शुरू भी नहीं की गई है। वहीं, जनता चाहती है कि इसे लेकर सरकार कोई नया रास्ता खोजे। नगर पंचायत बनने के महज दो साल बाद ही इसे निरस्त कर दिया गया था। इस कारण कस्बेवासी न तो पूर्व की पंचायत व्यवस्था का लाभ उठा पाए और न ही नगर पंचायत की सुविधाओं का। आनी कस्बे से सटी कराणा, कुंगश, बखानाओं, आनी और नमहोंग पंचायतों के वार्ड काटकर नगर पंचायत बनाई गई थी। निरस्तीकरण के बाद इन क्षेत्रों को दोबारा पुरानी पंचायतों में शामिल कर दिया गया। इससे जनता की समस्याएं जस की तस बनी रहीं। कस्बे के व्यापार मंडल अध्यक्ष विनोद चंदेल, पूर्व पार्षद होमेश्वरी जोशी, शशि कटोच, गुलाब ठाकुर समेत अन्य लोगों ने कहा कि नगर पंचायत आनी को लेकर मुख्यमंत्री की ओर से घोषणा की गई है। इसके लिए वे आभार जताते हैं। उन्होंने मांग की है कि पंचायत चुनावों से पूर्व नगर पंचायत का गठन कर दिया जाए, ताकि दोबारा मंझधार जैसी स्थिति न बने और जनता को बार-बार चुनावी प्रक्रिया से न गुजरना पड़े। उन्होंने कहा कि इससे पांच पंचायतों में भी चुनावी प्रक्रिया बार-बार उलझन में नहीं पड़ेगी।
नगर पंचायत को लेकर मांगा है प्रस्ताव
एसडीएम आनी लक्ष्मण सिंह कनेट ने बताया कि नगर पंचायत को लेकर प्रस्ताव मांगा गया है। जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिया जाएगा।