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गगरेट क्षेत्र के भद्रकाली, पिरथीपुर, नंगल जरियाला, मरवाड़ी स्कूल में कई पद खाली
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एसएमसी भी छात्र हित में काम करवाने में नाकाम
संवाद न्यूज एजेंसी
मुबारिकपुर (ऊना)। सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा सुविधाएं मुहैया कराने के दावे धरातल पर नजर नहीं आ रहे। वर्तमान में स्कूलों में प्रवक्ताओं, लिपिकों और कई विषयों के अध्यापकों के पद खाली पड़े हैं। बच्चों के भविष्य की चिंता किसी को नही है। न ही पदों को भरने को लेकर कोई ध्यान दिया जा रहा है। गगरेट क्षेत्र के कई विद्यालयों में शिक्षकों समेत अन्य स्टाफ के रिक्त पद चल रहे हैं। गगरेट क्षेत्र के उत्कृष्ट विद्यालय भद्रकाली में 260 छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। जहां केमिस्ट्री प्रवक्ता, ड्राइंग टीचर, संस्कृत टीचर, पीटीआई, क्लर्क के पद अरसे से खाली चल रहे हैं। जबकि सीनियर सेकेंडरी स्कूल पिरथीपुर में 245 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यहां प्रिंसिपल, सुपरिटेंडेंट, संस्कृत विषय के अध्यापकों के पद खाली हैं। नंगल जरियाला स्कूल में 118 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे है। जहां हिस्ट्री प्रवक्ता, हिंदी व संस्कृत, ड्राइंग अध्यापक, सुपरिंटेंडेंट, सीनियर असिस्टेंट, सीनियर सेकेंडरी स्कूल सलोह बैरी में प्रवक्ता अंग्रेजी, फिजिकल एजुकेशन, प्रिंसिपल, क्लर्क, मरवाड़ी स्कूल में 301 छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, यहां कॉमर्स के प्रवक्ताओं के दो पद रिक्त हैं। वहीं, हिंदी व सीनियर असिस्टेंट के पद अरसे से रिक्त पड़े हुए हैं । हालांकि, समय-समय पर आला अधिकारी व जनप्रतिनिधि इन स्कूलों का दौरा करते हैं व सांस्कृतिक समारोहों में शिरकत करते हैं। लेकिन, स्कूल से जुड़ी मूलभूत सुविधा व छात्रों के भविष्य से जुड़ी शिक्षकों की कमी से जुड़ी समस्या का समाधान कराने को लेकर कोई समाधान नहीं हो पाया है। इस बारे में स्कूल प्रबंधन समिति पिरथीपुर, नंगल जरियाला के अध्यक्ष ने बताया कि खाली चल रहे पदों को लेकर हमने कई बार मांग उठाई है। अभी तक कोई कार्रवाई नही हो पाई है। वहीं, प्रबुद्धजनों में राकेश कुमार, शिव कुमार, सुखविंदर सिंह, मीना देवी, सुमन रानी ने हैरानी जताई कि स्कूलों में स्कूल प्रबंधन समितियां भी छात्र हित में कोई काम नहीं कर रही हैं। उपनिदेशक (शिक्षा विभाग उच्चतर) ऊना राकेश कौशल ने कहा कि इस बारे में विभाग को अवगत कराया जा चुका है।
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