रिकांगपिओ में मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करते एंबुलेंस कर्मी। स्रोत : यूनियन
. मांगों को लेकर यूनियन लड़ेगी निर्णायक लड़ाई, समाधान नहीं हुआ तो होगा आमरण अनशन
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में 108 और 102 एंबुलेंस कर्मियों ने बुधवार को लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। सीटू के बैनर तले एकजुट हुए इन कर्मचारियों ने उपायुक्त के माध्यम से नेशनल हेल्थ मिशन और मेडस्वान फाउंडेशन को ज्ञापन भेजकर दो चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान न हुआ, तो सेवाएं पूरी तरह ठप कर दी जाएंगी। यूनियन पदाधिकारियों ने प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि मेडस्वान फाउंडेशन की ओर से श्रम कानूनों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। धरने के जरिये कर्मचारियों ने वेतन विसंगति को दूर कर सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम वेतन का भुगतान करने, मूल वेतन को जानबूझकर कम रखने, आठ घंटे से अधिक ड्यूटी लेने पर कर्मचारियों को ओवरटाइम देने और वरिष्ठता की अनदेखी नहीं करने मांग उठाई। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो 27 दिसंबर की रात 8 बजे से 48 घंटे की सांकेतिक हड़ताल शुरू की जाएगी। इसके बाद भी समाधान न होने पर आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल और आमरण अनशन में बदल दिया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और प्रबंधन की होगी। इस मौके पर सीटू जिला अध्यक्ष श्याम सोनी, महासचिव मदन नेगी, सुखी राम, एंबुलेंस यूनियन की प्रधान प्रियंका नेगी, उपप्रधान सोनम दोरजे, महासचिव सुजाता नेगी सहित अन्य मौजूद रहे।