सिविल अस्पताल ठियोग में बिस्तर पर लेटी शीला देवी, साथ में उनके परिजन। स्रोत : जागरूक पाठक
मरीज के परिजनों ने नर्स पर लगाया लापरवाही का आरोप
पुलिस तक पहुंची शिकायत, अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को नकारा
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। सिविल अस्पताल ठियोग में एक मरीज को कथित तौर पर दिल के दौरे से बचाने वाले गलत इंजेक्शन लगाए जाने का मामला सामने आया है। मरीज के परिजनों ने अस्पताल की नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाया और पुलिस थाने में शिकायत दी है। परिजनों का आरोप है कि जिस इंजेक्शन की जरूरत एक संभावित हार्ट अटैक के मरीज को थी, वह गलती से उनकी 52 वर्षीय माता शीला देवी को लगा दिया गया। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों को पूरी तरह नकारते हुए कहा है कि शीला देवी को ऐसा कोई इंजेक्शन न तो प्रिस्क्राइब किया गया और न ही डॉक्टर की निगरानी में लगाया गया। शिकायतकर्ता ठियोग के गांव संधू निवासी दिनेश चंदेल ने आरोप लगाया कि अस्पताल की नर्स ने कथित तौर पर बिना पर्याप्त जांच-पड़ताल के उनकी माता शीला देवी को इंजेक्शन लगा दिया। परिजनों का कहना है कि इंजेक्शन लगने के बाद उन्हें मामले की जानकारी हुई और उन्होंने अस्पताल प्रशासन से जवाब मांगा, लेकिन अस्पताल के स्टाफ का व्यवहार ठीक नहीं था और वह इस इंजेक्शन लगाने से साफ इंकार करते रहे। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया। परिजनों ने पूरे घटनाक्रम की जांच करवाने और जिम्मेदार कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. जितेंद्र सांगटा ने परिजनों के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उस समय अस्पताल में दो मरीज उपचार के लिए आए थे। इनमें से एक महिला को हृदय संबंधी गंभीर समस्या और संभावित हार्ट अटैक की आशंका थी। चिकित्सकों ने उसकी स्थिति को देखते हुए आवश्यक इंजेक्शन लगाकर और उचित उपचार करने के बाद मरीज को आगे के इलाज के लिए आईजीएमसी शिमला रेफर किया। डॉक्टर के अनुसार संबंधित इंजेक्शन की कीमत करीब 35 से 40 हजार रुपये है और यह जरूरतमंद मरीजों को अस्पताल के माध्यम से निशुल्क उपलब्ध करवाया जाता है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इस इंजेक्शन को शीला देवी के लिए प्रिस्क्राइब नहीं किया गया था और न ही डॉक्टर के सुपरविजन में उन्हें ऐसा इंजेक्शन लगाया गया। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक शीला देवी उपचार के लिए सांस लेने में दिक्कत और गैस्ट्रिक संबंधी शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची थी। चिकित्सकों ने उनका उपचार किया और बाद में उन्हें बेहतर जांच एवं उपचार के लिए शिमला रेफर किया गया। फिलहाल, शीला देवी की हालत स्थिर बताई जा रही है।