निरमंड में किसान सभा की बैठक में मौजूद सदस्य। स्रोत : सभा
मनरेगा में रोजगार न मिलने पर किसान सभा ने जताया रोष
जनवरी में मनरेगा रोजगार के लिए करेंगे सामूहिक आवेदन : देवकी
संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड (कुल्लू)। हिमाचल किसान सभा और सीटू ने पंचायतों में कार्य करने वाले मनरेगा मजदूरों को रोजगार न देने पर रोष जताया है। किसान सभा ने प्रदेश सरकार और पंचायती राज विभाग से सभी मजदूरों को 120 दिन का रोजगार देने की मांग उठाई है। निरमंड में हुई बैठक में निर्णय लिया है कि जनवरी में सभी मजदूर मनरेगा कार्यों के लिए सामूहिक आवेदन करेंगे। हिमाचल किसान सभा और सीटू की संयुक्त बैठक सोमवार को किसान मजदूर भवन निरमंड में हुई। बैठक में मनरेगा मजदूरों की समस्याओं को लेकर चर्चा की गई। बैठक में किसान सभा जिला महासचिव देवकी नंद, किसान सभा निरमंड के अध्यक्ष पूर्ण ठाकुर, हिमाचल भवन एवं अन्य निर्माण यूनियन के अध्यक्ष सुषमा देवी, सचिव परमिंदर और रणजीत ठाकुर ने कहा है कि केंद्र और प्रदेश सरकार की मनरेगा मजदूर विरोधी नीतियों के कारण आज मनरेगा में रोजगार नहीं मिल रहा है। रोजगार मिल भी रहा है, तो मजदूरी भी तीन चार महीने बाद मिल रही है, जिससे मनरेगा मजदूरों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। कई महीने तक काम की अदायगी न होने से उन्हें अपने परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि निरमंड ब्लॉक में भी मनरेगा का काम नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मनरेगा में रोजगार की गारंटी है, लेकिन यह केवल कागजों में ही है, जबकि जमीनी स्तर पर आज भी मजदूरों को औसतन 30-40 दिन का रोजगार साल में मिल रहा है। किसान सभा और सीटू ने मांग की है कि सभी जॉब कार्ड धारकों को 120 दिन का रोजगार और मजदूरी समय पर दी जाए। बैठक में तय किया गया कि जनवरी में मनरेगा में रोजगार के लिए सामूहिक आवेदन किए जाएंगे। इस अवसर पर परस राम, सनी राणा, मान ठाकुर, माहेश्वर, गुलाल, ऊषा, कांता देवी, सरोजा, सुलोचना, रीना, दमयंती, मीना कुमारी, चूडू राम, संजीव, रमेश, श्याम लाल, रूप लाल सहित अन्य मौजूद रहे।