अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा के लिए रवाना होते अधिष्ठाता देवता साहिब कुईकंडा नाग। संवाद
मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद सैकड़ों देवलुओं के साथ शुरू की पैदल यात्रा
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा के लिए सोमवार को 365 साल बाद देवता साहिब कुईकंडा नाग लाव-लश्कर के साथ रवाना हुए। सुबह मंदिर में देवता साहिब की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद सभी देवलुओं ने पैदल यात्रा शुरू की। देवता साहिब कुल्लू दशहरा उत्सव के लिए त्रिशूल रूप में गए हैं। इस अवसर पर देवता साहिब के गुर विनोद ठाकुर ने कहा कि इस बार मालिक के आदेश पर कुल्लू दशहरा में शिरकत करने की मंजूरी मिली है। यह यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक होगी। देवता साहिब कई देवी-देवताओं के साथ मिलन करेंगे, जिसके साक्षी हजारों लोग बनेंगे। यह देवता साहिब सबसे दूर से पहुंचने वाले देवता होंगे। इस यात्रा में क्षेत्र के लोग बढ़चढ़ कर भाग ले रहे हैं।