रिकांगपिओ (किन्नौर)। रिकांगपिओ में किन्नोर बार एसोसिएशन ने अधिवक्ता संशोधन बिल का विरोध जताया। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमर चंद नेगी ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से अधिवक्ता अधिनियम 1961 में प्रस्तावित संशोधन बिल के विरोध में किन्नौर बार एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया है। इसका रिकांगपिओ में एसोसिएशन के सदस्यों ने विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने बिल की प्रति को जलाकर अपना विरोध जताया। अधिवक्ताओं ने केंद्र सरकार से बिल को तुरंत वापस लेने की मांग की है। एसोसिएशन ने डीसी किन्नौर के माध्यम से सत्र न्यायाधीश रामपुर बुशहर को ज्ञापन भेजा है। बार एसोसिएशन किन्नौर के अध्यक्ष सीनियर वकील अमर चंद नेगी और पूर्व अध्यक्ष राम सिंह ने कहा कि यह बिल वकीलों की आजादी और निष्पक्ष कार्य में बाधा डालेगा। जब तक सरकार बिल वापस नहीं लेती, विरोध जारी रहेगा। एसोसिएशन ने 4 मार्च को जिले की सभी अदालतों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। देशभर में इस बिल के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। वकीलों का कहना है कि यह बिल पूरी तरह से उनके हितों के विरुद्ध है।